ED की छापेमारी: 155 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 स्थानों पर कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली, हरियाणा और गोवा में 11 स्थानों पर छापेमारी की, जो कि 155 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। यह कार्रवाई महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ की गई, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अनधिकृत SWIFT परिवर्तनों के जरिए फॉरेन लेटर्स ऑफ़ क्रेडिट की राशि को धोखाधड़ी से बढ़ाया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और छापेमारी के पीछे की वजह।
Jun 16, 2026, 15:59 IST
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली, हरियाणा और गोवा में 11 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स और अन्य कंसोर्टियम बैंकों को लगभग ₹155.21 करोड़ का कथित नुकसान पहुँचाने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संदर्भ में की गई। ईडी के चंडीगढ़ ज़ोनल कार्यालय ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जांच के तहत हरियाणा के करनाल, दिल्ली और गोवा में अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से संबंधित स्थानों पर छापे मारे।
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यह मामला सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। ईडी के अनुसार, आरोपियों ने 'फिनाकल' (Finacle) में बिना किसी संबंधित एंट्री के, कथित तौर पर अनधिकृत SWIFT परिवर्तनों के माध्यम से 'फॉरेन लेटर्स ऑफ़ क्रेडिट' (FLCs) की राशि को धोखाधड़ी से बढ़ा दिया। इससे ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग ₹155.21 करोड़ का कथित नुकसान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मिली जानकारियों के आधार पर, पुलिस के सहयोग से मंगलवार सुबह से ही छापेमारी की जा रही है।