×

DMK और कांग्रेस के बीच बढ़ती कड़वाहट: INDIA गठबंधन की चुनौतियाँ

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद DMK और कांग्रेस के बीच बढ़ती कड़वाहट ने विपक्ष के 'INDIA' गठबंधन के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। DMK के मुखपत्र 'मुरासोली' ने राहुल गांधी की कूटनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। संपादकीय में राहुल गांधी के बयान और कांग्रेस की भूमिका पर चर्चा की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ संबंधों में तनाव पैदा किया है। जानें इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे के कारण और इसके संभावित परिणाम।
 

दक्षिण भारत की राजनीति में उथल-पुथल

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद, दक्षिण भारत की राजनीतिक स्थिति ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के 'INDIA' गठबंधन के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और कांग्रेस के बीच की बढ़ती कड़वाहट अब स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। DMK के आधिकारिक पत्रिका 'मुरासोली' ने एक तीखे संपादकीय में राहुल गांधी की कूटनीतिक समझ और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।


8 जून को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद प्रकाशित संपादकीय में, DMK ने राहुल गांधी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन की कई समस्याएँ कांग्रेस के अपने कार्यों का परिणाम हैं।


राहुल गांधी पर सीधा हमला

संपादकीय में पूछा गया, "अगर INDIA गठबंधन से अमृत के बजाय ज़हर निकला है, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?" यह हमला राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को अपने सहयोगियों की आलोचना स्वीकार करनी चाहिए, जैसे भगवान शिव ने ज़हर पिया था।


'मुरासोली' ने कहा कि जिस पौराणिक कथा का राहुल ने उल्लेख किया, उसमें शिव ने ज़हर नहीं बनाया था। ज़हर तब निकला जब देवता और असुर अमृत की खोज में ब्रह्मांडीय सागर को मथ रहे थे।


कांग्रेस की भूमिका पर सवाल

संपादकीय ने कांग्रेस पर फिर से ध्यान केंद्रित करते हुए सवाल उठाया कि क्या पार्टी ने खुद उन मतभेदों में योगदान दिया है जो अब विपक्षी गठबंधन को परेशान कर रहे हैं। DMK ने कहा कि राहुल गांधी का एकता का आह्वान बहुत देर से आया है।


संपादकीय में कहा गया, "राहुल गांधी ने अब विपक्ष की एकता पर भाषण दिया है। क्या उन्होंने खुद कई राज्यों में इस एकता को कमजोर नहीं किया था?"


केरल में कांग्रेस की स्थिति

संपादकीय का एक बड़ा हिस्सा केरल में वामपंथी दलों के साथ कांग्रेस के संबंधों पर केंद्रित था। 'मुरासोली' ने राहुल गांधी की उन टिप्पणियों का उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार पर बीजेपी के साथ गुप्त समझौता करने का आरोप लगाया था।


इस पर वामपंथी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी। संपादकीय में CPI(M) के सांसद जॉन ब्रिटास और CPI के महासचिव डी. राजा का भी जिक्र किया गया, जिन्होंने गांधी की टिप्पणियों को 'राजनीतिक अपरिपक्वता' बताया।


DMK का गुस्सा और कांग्रेस का व्यवहार

DMK के IT विंग ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि चुनावी फ़ायदा उठाने के बाद उसने गठबंधन छोड़ दिया। पोस्ट में कहा गया, "जब INC अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही थी, तब हमने उन्हें अपने कंधों पर ढोया।"


यह हमला तब हुआ जब DMK और कांग्रेस के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनकर कांग्रेस ने बाद में गठबंधन से बाहर जाने का निर्णय लिया।