दिल्ली में नकली CBI अधिकारियों द्वारा लाखों की चोरी का मामला
नकली CBI अधिकारियों की चोरी की कहानी
दिल्ली में एक 22 वर्षीय महिला ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर नकली CBI अधिकारी बनकर लाखों रुपये की चोरी की। आइए जानते हैं इस घटना का पूरा विवरण।
इसरत जमीली, जो दिल्ली के वजीराबाद में रहते हैं और कैटरिंग का व्यवसाय करते हैं, ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमफिल की डिग्री प्राप्त की है। एक शाम, जब वह अपने परिवार के साथ घर पर थे, दरवाजे पर दस्तक हुई। दरवाजा खोलने पर उन्हें एक महिला और दो पुरुष दिखाई दिए।
तीनों ने सफेद शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी और उनके चेहरे पर मास्क थे। उन्होंने बताया कि वे ओखला डिवीजन से CBI के अधिकारी हैं और इसरत के खिलाफ एक FIR और सर्च वारंट है। जब इसरत ने उनसे कागजात दिखाने को कहा, तो वे गालियां देने लगे। एक ने अपना नाम सुनी दुबे बताया और इसरत की पत्नी और बच्चों को एक कोने में खड़ा कर दिया।
इसके बाद, वे घर में 'सबूत' खोजने लगे। तलाशी के दौरान, उन्होंने एक पुरानी स्टील की अलमारी का ताला तोड़कर इसरत की पत्नी के सोने-चांदी के गहने और 3 लाख रुपये नकद निकाल लिए।
नकली दस्तावेजों के जरिए चोरी
इसरत ने उनसे गहनों की रसीद मांगी और वापस पाने की प्रक्रिया के बारे में पूछा। तीनों ने इसरत की बेटी की नोटबुक में नकली नामों से हस्ताक्षर किए और लिखा कि वे ये सामान सबूत के तौर पर ले जा रहे हैं। इसके बाद, वे वहां से भाग गए। इसरत को कुछ गड़बड़ महसूस हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने शाइना और केशव के घरों पर छापा मारा, लेकिन वे वहां नहीं मिले। उनकी फोन लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि वे उत्तराखंड में हैं। शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें मसूरी से गिरफ्तार किया। उनके तीसरे साथी विवेक सिंह को हरिद्वार से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, शाइना ने अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि इसरत उसका दूर का रिश्तेदार है।
बॉलीवुड फिल्म से प्रेरणा
पुलिस ने बताया कि शाइना को चोरी का आइडिया बॉलीवुड फिल्म 'रेड' से मिला था। नकली CBI छापा मारकर उन्होंने लाखों रुपये के गहने और नकदी चुराई। लेकिन पुलिस की तत्परता और CCTV फुटेज की मदद से तीनों को जल्दी ही पकड़ लिया गया।
इसरत की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। पुलिस ने इलाके के 200 CCTV फुटेज की जांच की, जिसमें एक व्यक्ति बाइक चलाते हुए दिखाई दिया। जांच में पता चला कि बाइक शाइना के नाम पर थी और उसे केशव चला रहा था।