CBSE ने पुनर्मूल्यांकन के लिए भुगतान प्रक्रिया को स्पष्ट किया
CBSE का नया स्पष्टीकरण
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि छात्रों को बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करते समय किसी विशेष बैंक में खाता होना आवश्यक नहीं है। यह जानकारी उन रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि छात्रों को सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें यह विश्वास था कि भुगतान केवल चार बैंकों के माध्यम से किया जा सकता है।
भुगतान के विकल्प
CBSE ने एक बयान में बताया कि हालांकि SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के भुगतान गेटवे पोर्टल में एकीकृत हैं, लेकिन आवेदक किसी भी बैंक का उपयोग कर विभिन्न डिजिटल भुगतान विधियों का लाभ उठा सकते हैं। उम्मीदवार यूपीआई, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के माध्यम से पोर्टल पर उपलब्ध किसी भी भुगतान गेटवे का उपयोग कर सकते हैं।
सिस्टम की स्थिति
बोर्ड ने यह भी जानकारी दी कि सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर रहा है और बुधवार सुबह 9:30 बजे तक लगभग 40,000 छात्रों ने सफलतापूर्वक अपने आवेदन पूरे कर लिए थे। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के संबंध में केवल आधिकारिक CBSE सूचनाओं पर भरोसा करें। यह स्पष्टीकरण दिल्ली की विपक्ष नेता आतिशी की आलोचना के बाद आया है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि भुगतान प्रणाली केवल चार बैंकों के ग्राहकों तक सीमित है।
आतिशी की आलोचना
एक सोशल मीडिया पोस्ट में, आतिशी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाया कि जिन छात्रों के पास SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा या इंडियन बैंक में खाता नहीं है, वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। यह मुद्दा सीबीएसई की कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं और बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टलों पर तकनीकी समस्याओं के बीच उठाया गया है।
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