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AAP का आरोप: SAD ने धर्म युद्ध मोर्चा छोड़ने का किया दावा

आम आदमी पार्टी (AAP) ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने अपने प्रस्तावित 'धर्म युद्ध मोर्चा' को चुपचाप छोड़ दिया है। AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया कि आंदोलन की तैयारी क्यों नहीं की गई। उन्होंने SAD के पिछले कार्यकाल में पंजाब के लोगों को गुमराह करने और ड्रग्स की समस्या को बढ़ने देने का भी आरोप लगाया। इस राजनीतिक विवाद में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई है, जो पंजाब की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
 

AAP ने SAD पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को यह आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने अपने प्रस्तावित "धर्म युद्ध मोर्चा" को चुपचाप छोड़ दिया है। पार्टी ने यह भी पूछा कि 19 जुलाई को आंदोलन शुरू होने से कुछ दिन पहले तक कोई कार्यक्रम या तैयारी की घोषणा क्यों नहीं की गई। यह तब हुआ है जब अकाली दल चुनावी हार के बाद अपने राजनीतिक आधार को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि इस घोषणा का उद्देश्य कभी भी गंभीर जन-आंदोलन खड़ा करना नहीं था, बल्कि इसका असली मकसद भगवंत मान सरकार के साथ राजनीतिक टकराव उत्पन्न करना था।


SAD की तैयारी पर सवाल

पन्नू ने बताया कि SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने लगभग एक महीने पहले घोषणा की थी कि पार्टी 19 जुलाई को अकाल तख्त पर मत्था टेकने के बाद मार्च शुरू करेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि केवल दो दिन बचे होने के बावजूद, आंदोलन के लिए न तो कोई कार्यक्रम और न ही कोई रूपरेखा साझा की गई है। पन्नू ने यह भी कहा कि प्रस्तावित आंदोलन का उल्लेख अकाली दल की हालिया कोर कमेटी की बैठक में नहीं हुआ, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अपने ही आह्वान से पीछे हट गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अकाली दल तय तारीख पर आंदोलन शुरू करने को लेकर गंभीर था, तो उसने कार्यक्रम, रणनीति या नेतृत्व के बारे में जानकारी क्यों नहीं दी।


SAD के पुराने रिकॉर्ड पर निशाना

AAP नेता ने SAD के पिछले रिकॉर्ड पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने बार-बार पंजाब के लोगों को गुमराह किया और 2007-17 के अपने कार्यकाल के दौरान ड्रग्स की समस्या को बढ़ने दिया। 2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं का जिक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप की चोरी, उसके बाद हुई बेअदबी की घटनाएं, बहबल कलां और कोटकपुरा में पुलिस की फायरिंग और सबूत मिटाने जैसी बड़ी घटनाएं SAD-BJP सरकार के कार्यकाल में हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल समेत कई अकाली नेताओं को ज़मानत मिल गई। फरीदकोट कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए पन्नू ने यह भी दावा किया कि बेअदबी की घटना के दौरान सुखबीर सिंह बादल के आचरण पर सवाल उठाए गए थे। इसके अलावा, पन्नू ने पिछली अकाली सरकारों पर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।