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69 वर्षीय बुजुर्ग का हनीट्रैप में फंसना, पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक 69 वर्षीय बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर लूटने की घटना सामने आई है। आरोपियों ने बुजुर्ग को एक डेटिंग ऐप के माध्यम से संपर्क किया और फिर सुनसान स्थान पर बुलाकर लूटपाट की। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी भी फरार हैं। यह घटना डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
 

बिजनौर में बुजुर्ग के साथ हुई धोखाधड़ी


Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जो डिजिटल प्लेटफार्मों के खतरों को उजागर करती है। यहां एक 69 वर्षीय बुजुर्ग को शातिर अपराधियों ने हनीट्रैप में फंसाकर लूट लिया। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभी भी फरार हैं।


यह घटना कोतवाली शहर क्षेत्र की है। पीड़ित बुजुर्ग, विरेन्द्र भटनागर, ने एक डेटिंग ऐप पर बेबी नाम की प्रोफाइल से संपर्क किया था। उन्हें यह नहीं पता था कि यह प्रोफाइल वास्तव में समीर नाम के युवक द्वारा संचालित की जा रही थी। आरोपियों ने बुजुर्ग का विश्वास जीतने के लिए गिरोह की लड़कियों से उनकी बातचीत करवाई। जब बुजुर्ग पूरी तरह से जाल में फंस गए, तो उन्हें मिलने के लिए एक स्थान पर बुलाया गया।


सुनसान फार्म हाउस में हुई लूट


17 अप्रैल 2026 को विरेन्द्र भटनागर निर्धारित स्थान पर पहुंचे। वहां आरोपी मोनिश ने उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर एक सुनसान फार्म हाउस की ओर ले गया। जैसे ही वे वहां पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे समीर, आकिल, अनस, फरहान और फरदीन ने उन्हें घेर लिया।


आरोपियों ने बुजुर्ग के साथ बर्बरता से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें आतंकित किया। इसके बाद उन्होंने बुजुर्ग से सोने की अंगूठी और गले की चेन लूट ली। लुटेरों ने उनका मोबाइल छीनकर जबरन ‘फोन-पे’ का पासवर्ड लिया और उनके खाते से 65,000 रुपये विभिन्न अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई


घटना के अगले दिन, 18 अप्रैल को पीड़ित के बेटे विशाल भटनागर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बिजनौर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए धारा 309(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और मोनिश, समीर, आकिल और अनस को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटी गई सोने की अंगूठी, चेन और 42380 रुपये नकद बरामद किए गए।


पूछताछ में खुलासा


मुख्य आरोपी समीर ने पुलिस को बताया कि यह पूरी घटना पहले से ही हनीट्रैप के रूप में योजना बनाई गई थी। गिरोह का उद्देश्य अमीर बुजुर्गों को निशाना बनाना था। लूटी गई रकम को सभी आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। पुलिस फरार आरोपियों फरहान और फरदीन की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


डिजिटल सुरक्षा पर सवाल


यह घटना एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर अनजान लोगों पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। अपराधी मासूम लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर उन्हें लूटने का प्रयास कर रहे हैं। बिजनौर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे ऐप्स का उपयोग करते समय सावधानी बरतें।