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39 वर्षीय हार्ट सर्जन की अस्पताल में दुखद मौत

39 वर्षीय हार्ट सर्जन डॉ. महला की अस्पताल में अचानक मौत ने चिकित्सा जगत को गहरा सदमा दिया है। उन्होंने सैकड़ों मरीजों को नया जीवन दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश, खुद एक गंभीर बीमारी का शिकार हो गए। उनकी कहानी और योगदान को जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
 

एक अनुभवी हार्ट स्पेशलिस्ट का दुखद अंत


डॉ. महला, एक प्रतिष्ठित हार्ट स्पेशलिस्ट, जिन्होंने अपने उपचार से अनेक मरीजों को नया जीवन दिया, खुद एक गंभीर बीमारी का शिकार हो गए। पिछले शुक्रवार को अचानक उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ। एक अनुभवी चिकित्सक होने के नाते, उन्होंने तुरंत अपनी जांच करवाई और रिपोर्ट देखकर स्थिति की गंभीरता को समझा। इसके बाद, उन्होंने अपने साथी कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह ली, जिन्होंने उन्हें गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी।


मेदांता में सर्जरी, लेकिन जान नहीं बच सकी

मेदांता हॉस्पिटल में जांच के दौरान पता चला कि उन्हें एऑटिक डायसेक्शन नामक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा है, जिसमें हृदय की मुख्य धमनी में प्रेशर के कारण गैप बन जाता है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है और तात्कालिक सर्जरी की आवश्यकता होती है। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका ऑपरेशन किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। सोमवार को उन्होंने कुछ समय के लिए आँखें खोलीं, लेकिन फिर से बेहोश हो गए। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।


जयपुर में शोक की लहर

डॉ. महला का निधन चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "डॉ. महला ने सैकड़ों मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका समर्पण और अनुभव प्रेरणादायक था। उनका जाना चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है।" डॉ. महला की विशेषज्ञता और सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। हार्ट के मरीजों के लिए वे किसी देवदूत से कम नहीं थे, लेकिन दुर्भाग्यवश, वही बीमारी उनके लिए घातक साबित हुई।