2027 की जनगणना में लिव-इन संबंधों को मिलेगा विवाहित का दर्जा
2027 की जनगणना में लिव-इन संबंधों को विवाहित के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव सामाजिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। जनगणना की प्रक्रिया में 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें परिवार की संरचना और सदस्यों की स्थिति शामिल होगी। स्व-गणना की सुविधा के तहत, परिवार का मुखिया जानकारी भर सकता है। जानें इस नई नीति के बारे में और कैसे यह सामाजिक बदलावों को समझने में मदद करेगी।
Mar 30, 2026, 20:08 IST
जनगणना 2027 में महत्वपूर्ण बदलाव
2027 की जनगणना के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन सामने आया है, जो सामाजिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। अब यदि कोई जोड़ा लिव-इन संबंध में रह रहा है और वे अपने रिश्ते को स्थायी मानते हैं, तो उन्हें जनगणना में विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।
आधिकारिक जानकारी का खुलासा
यह जानकारी पहली बार आधिकारिक जनगणना के स्व-गणना पोर्टल पर पूछे गए सवालों के माध्यम से सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई कपल अपने रिश्ते को स्थायी मानता है, तो उन्हें वैवाहिक श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिससे आंकड़ों में उनकी स्थिति स्पष्ट हो सके।
पहले से मौजूद प्रथा की औपचारिक मान्यता
पहले भी कई बार ऐसे जोड़े खुद को विवाहित बताकर जानकारी देते थे, और गणनाकर्मी उसी आधार पर डेटा दर्ज करते थे। अब इसे औपचारिक रूप से मान्यता दी गई है, जिससे सामाजिक बदलावों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
जनगणना प्रक्रिया की जानकारी
जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें परिवार की संरचना, सुविधाएं और सदस्यों की स्थिति शामिल होगी। यह प्रक्रिया 45 दिनों तक चलेगी, जिसमें पहले 15 दिन स्व-गणना के लिए और अगले 30 दिन गणनाकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के लिए निर्धारित किए गए हैं।
स्व-गणना की प्रक्रिया
स्व-गणना की सुविधा के तहत, परिवार का मुखिया या कोई जिम्मेदार वयस्क सदस्य मोबाइल सत्यापन के बाद पोर्टल पर जाकर जानकारी भर सकता है। इसमें घर की लोकेशन को सही तरीके से चिन्हित करना भी आवश्यक होगा, ताकि गणनाकर्मी बाद में आसानी से सत्यापन कर सकें।
जानकारी की गोपनीयता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में दी गई जानकारी के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। गणनाकर्मी वही जानकारी दर्ज करेंगे जो व्यक्ति अपने ज्ञान और विश्वास के आधार पर बताएगा।
सुरक्षित डेटा प्रबंधन
यह प्रक्रिया सुरक्षित सर्वरों पर आधारित होगी और सभी आंकड़ों को गोपनीय रखा जाएगा। स्व-गणना के दौरान भरा गया फॉर्म बाद में गणनाकर्मी द्वारा सत्यापित किया जाएगा, जिससे डेटा की सटीकता बनी रहे।