2027 की जनगणना के लिए नई योजना: गृह राज्य मंत्री का बयान
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 2027 की जनगणना की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है, जिसमें दो चरणों में कार्य किया जाएगा। पहले चरण में घरों की सूची और आवास संबंधी आंकड़े इकट्ठा किए जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में रिक्त पदों की संख्या भी साझा की। जानें इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में और क्या जानकारी दी गई है।
Mar 17, 2026, 19:20 IST
जनगणना की प्रक्रिया का विवरण
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 17 मार्च को जानकारी दी कि 2027 में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में घरों की सूची तैयार करना और आवास से संबंधित आंकड़े इकट्ठा करना शामिल होगा, इसके बाद जनसंख्या गणना की जाएगी। राय ने बताया कि पहले चरण के प्रश्न पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे चरण के प्रश्न जनगणना शुरू होने से पहले अंतिम रूप में अधिसूचित किए जाएंगे। पिछले जनगणना के अनुभवों के अनुसार, दूसरे चरण में विकलांगता से संबंधित आंकड़े भी शामिल होने की संभावना है।
प्रश्नावली और प्रशिक्षण की तैयारी
प्रश्नावली को अंतिम रूप देने के बाद, इस प्रक्रिया की तैयारी में विस्तृत निर्देश पुस्तिकाएँ और प्रशिक्षण सामग्री शामिल की जाएगी। ये सामग्री हितधारकों के परामर्श से विकसित की जाएगी, जिसके बाद जनगणना कर्मचारियों, जैसे कि गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक, के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। गणनाकर्ता निर्धारित क्षेत्रों में जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इसके अलावा, स्व-गणना की एक वैकल्पिक व्यवस्था भी होगी, जिससे परिवार का कोई सदस्य ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जानकारी जमा कर सकेगा।
रिक्त पदों की जानकारी
गृह राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स में 93,000 से अधिक पद रिक्त हैं। उन्होंने एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सबसे अधिक 27,400 पद खाली हैं, इसके बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में 28,342 रिक्तियां हैं।
अन्य बलों में रिक्तियां
उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 14,531, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में 12,333 और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में 6,784 रिक्त पद हैं। असम राइफल्स में 3,749 पद खाली हैं। राय ने कहा कि इन रिक्तियों के कारण कानून प्रवर्तन और आंतरिक सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन बल अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'बल उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।' मंत्री ने यह भी बताया कि सीएपीएफ और असम राइफल्स में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया निरंतर चल रही है, जिसमें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) जैसी एजेंसियों की मदद ली जा रही है।