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2026 में श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू

श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होगा। इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए कई नई सुविधाएं और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यात्रा की पहली पूजा की तारीख और लेजर शो के आयोजन की भी घोषणा की गई। जानें इस यात्रा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ और सुविधाएं।
 

श्री अमरनाथ जी यात्रा का पंजीकरण

श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल 2026 से सभी निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से प्रारंभ होगा। यह पंजीकरण पहलगाम और बालताल दोनों मार्गों के लिए उपलब्ध होगा। ध्यान रहे कि 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के तीर्थयात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंजीकरण के लिए, तीर्थयात्रियों को श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य संस्थान से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।


लेजर और साउंड शो का आयोजन

श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने अपनी 50वीं बोर्ड बैठक में 'बाबा बर्फानी' के लिए एक लेजर और साउंड शो आयोजित करने की स्वीकृति दी है, जो श्रीनगर और जम्मू में आयोजित किया जाएगा। यह शो केंद्र शासित प्रदेश के समृद्ध आध्यात्मिक इतिहास को दर्शाते हुए एक सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में कार्य करेगा। इसके अलावा, बोर्ड ने घोषणा की कि 2026 की तीर्थयात्रा की पहली पूजा 29 जून, 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर की जाएगी। यात्रा की औपचारिक शुरुआत की तारीख जल्द ही निर्धारित की जाएगी।


बैठक की प्रमुख बातें

बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की, जो एसएएसबी के अध्यक्ष भी हैं। बोर्ड ने 2026 की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक अनुभव और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों को मंजूरी दी। इसके तहत, पंजीकृत तीर्थयात्रियों, सेवा प्रदाताओं, अधिकारियों, मौसमी कर्मचारियों और पुजारियों के लिए दुर्घटना बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है।


कल्याणकारी उपायों पर चर्चा

बोर्ड ने एसएएसबी कर्मचारियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपायों पर भी चर्चा की और उन्हें स्वीकृति दी। बैठक में यात्रा संबंधी सूचनाओं के प्रसार, टट्टुओं के लिए बीमा कवर, ऑनलाइन और प्रीपेड सेवाओं के विस्तार, तीर्थयात्रियों के पंजीकरण, आपदा की तैयारी और निवारण उपायों, चिकित्सा देखभाल सुविधाओं की व्यवस्था, लंगर और स्वयंसेवी सेवाओं, दूरसंचार, ग्रिड कनेक्टिविटी, मौसम पूर्वानुमान अवसंरचना, सुरक्षा एवं निगरानी, और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।