2026 में शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन: AI शिक्षा और गर्ल्स हॉस्टल की शुरुआत
2026 में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव
2026 में देश के एजुकेशन सेक्टर में होंगे बदलाव Image Credit source: Getty image
2026 में शिक्षा का नया युग: जैसे ही 2025 का अंत हुआ, गुरुवार ने 2026 का स्वागत किया। भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का विशेष स्थान है, जिसे शिक्षा और परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष को भी शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रतीक माना जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा का समावेश और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।
आइए जानते हैं कि 2026 में शिक्षा क्षेत्र में क्या-क्या परिवर्तन होने वाले हैं।
AI शिक्षा का समावेश कक्षा 3 से
दुनिया भर में AI का उपयोग बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के स्कूलों में कक्षा 3 से AI शिक्षा प्रदान करने की योजना बनाई है। यह बदलाव 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकता है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह अनिवार्य होगा या स्वैच्छिक। वर्तमान में, 9 से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए AI शिक्षा वैकल्पिक विषय के रूप में उपलब्ध है।
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा का नया प्रारूप
2026 में बोर्ड परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। सीबीएसई ने पहले ही 2025 में 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने की घोषणा की है। फरवरी में होने वाली परीक्षा अनिवार्य होगी, जबकि अप्रैल में प्रस्तावित परीक्षा स्वैच्छिक होगी। इससे छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार का अवसर मिलेगा।
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का प्रभाव
2026 में उच्च शिक्षा के नियामक प्रणाली में बदलाव संभव है। केंद्र सरकार ने 2025 में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक को पेश किया था, जो 2026 में कानून बन सकता है। इसके लागू होने पर UGC, NCTE, और AICTE समाप्त हो जाएंगे।
नई किताबों का वितरण
2026 में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को नई किताबें प्रदान की जाएंगी। ये किताबें राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के तहत तैयार की गई हैं, जिसमें नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार कई बदलाव किए गए हैं।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल की योजना
2026 में हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की योजना पर काम चल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य STEM में महिला छात्रों की संख्या बढ़ाना है।
ड्रॉप आउट रोकने के लिए योजना
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में फेल छात्रों की ट्रैकिंग के लिए योजना बना रहा है। इससे फेल छात्रों को पास करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल में NIOS ब्रांच खोलने की योजना है।
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