2026 में राज्यसभा चुनाव: मोदी सरकार के लिए महत्वपूर्ण मोड़
2026 का साल: मोदी सरकार और भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण
साल 2026 भारतीय राजनीति और मोदी सरकार के लिए एक निर्णायक वर्ष साबित होने वाला है, क्योंकि इस दौरान राज्यसभा में सत्ता संतुलन में बदलाव की संभावना है। मोदी सरकार के छह मंत्रियों सहित कई प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल और राजनीतिक पुनर्संतुलन की अटकलें तेज हो गई हैं। खासकर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में खाली होने वाली सीटें न केवल दलों की संख्या को प्रभावित करेंगी, बल्कि एनडीए और विपक्षी गठबंधनों की ताकत का भी परीक्षण करेंगी।
उत्तर प्रदेश में 10, बिहार में 5 और महाराष्ट्र में 7 सीटों का खाली होना सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती है। वहीं, पश्चिम बंगाल और बिहार में बदलती विधानसभा की गणित राज्यसभा चुनावों को और भी दिलचस्प बना सकती है। कुल मिलाकर, 2026 के राज्यसभा चुनाव केवल संख्या का खेल नहीं होंगे, बल्कि सत्ता की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं।
छह मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त
2026 में मोदी सरकार के छह मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त होगा। यह तब होगा जब मोदी सरकार में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। महाराष्ट्र में रामदास अठावले बीजेपी के समर्थन से दो बार से राज्यसभा जा रहे हैं, लेकिन हाल ही में उनका एनडीए के साथ संबंध कुछ बेहतर नहीं रहा है। बीएमसी चुनाव में भी वह सीट शेयरिंग को लेकर नाराज हैं। मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान कई पुराने मंत्रियों को हटाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश से 10 सीटें होंगी खाली
उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सीटें खाली होंगी। वर्तमान में इनमें से 8 सीटें बीजेपी के पास हैं। नवंबर में जिन बीजेपी सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें नीरज शेखर, दिनेश शर्मा, हरदीप पुरी, बीएस वर्मा, बृज लाल और सीमा द्विवेदी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और बीएसपी के रामजी गौतम का कार्यकाल भी नए साल के नवंबर महीने में खत्म हो रहा है। राज्य विधानसभा में बीजेपी की स्थिति को देखते हुए पार्टी अपनी 8 सीटों को बनाए रख सकती है, जबकि समाजवादी पार्टी को भी दो सीटें मिल सकती हैं। बीएसपी के पास इतने विधायक नहीं हैं कि वह अपने किसी नेता को राज्यसभा भेज सके, जिससे लगभग दो दशक बाद ऐसा होगा कि बीएसपी के पास एक भी सांसद नहीं होगा।
बिहार में 5 सीटें, RJD का घटेगा रुतबा
बिहार में अप्रैल में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें राष्ट्रीय जनता दल के प्रेम चंद गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, आरएलएम उपेंद्र कुशवाहा, और जेडीयू के हरिवंश नारायण शामिल हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
बंगाल की स्थिति
बंगाल से पांच सीटों पर चुनाव होगा, जिनमें से चार सीटें टीएमसी से हैं। सीपीएम के विकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल भी अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राज्य में मार्च-अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं, जिससे विधानसभा की स्थिति बदल जाएगी और ये चुनाव प्रभावित होंगे। मध्य प्रदेश में राज्यसभा के 3 सांसदों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है।