2026 में अंकशास्त्र का विशेष संयोग: जानें 1-1-1 का महत्व
नए साल की अंकशास्त्रीय भविष्यवाणियाँ
1-1-1 योग का रहस्यImage Credit source: AI
नए साल की शुरुआत 1 जनवरी 2026 से होती है। यह दिन भले ही अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार हो, लेकिन अंकशास्त्र के अनुसार, इस दिन एक विशेष संयोग बन रहा है। अंकशास्त्रियों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 पर अंक 1 का प्रभाव बार-बार उभरता है, जो नई शुरुआत और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। भारतीय परंपरा में किसी दिन की विशेषता केवल तारीख से नहीं, बल्कि अंकों, ग्रहों और समय के तालमेल से निर्धारित होती है। इसलिए, 1 जनवरी 2026 का दिन कई दृष्टियों से असाधारण माना जा रहा है।
1-1-1 का दुर्लभ संयोग क्या है?
भारतीय संस्कृति और अंकशास्त्र में अंकों के तालमेल को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार 1 जनवरी को अंकों का गणित इस प्रकार है:
तारीख: 1
महीना: 1 (जनवरी)
साल का भाग्य अंक: 2026 (2+0+2+6 = 10; 1+0 = 1)
इस प्रकार, पूरी तारीख का मूलांक और वर्ष का योग मिलकर 1-1-1 की एक शक्तिशाली श्रृंखला बना रहे हैं। अंकशास्त्र में 1 अंक का स्वामी सूर्य है। जब सूर्य का अंक इस तरह बार-बार आता है, तो यह सफलता, ऊर्जा और नई शुरुआत का संकेत देता है।
सूर्य देव की विशेष कृपा
अंकशास्त्रियों का मानना है कि साल के पहले दिन सूर्य अंक का इतना प्रबल होना यह दर्शाता है कि 2026 उन लोगों के लिए बहुत शुभ होगा जो साहस के साथ नए कार्यों की शुरुआत करना चाहते हैं। जब किसी दिन सूर्य अंक का प्रभाव अधिक होता है, तो वह दिन आत्मिक जागरण और संकल्प के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। यह दिन आलस्य को त्यागकर अनुशासन अपनाने का है।
इस दिन क्या करें?
सूर्य को अर्घ्य दें: चूंकि दिन का स्वामी सूर्य है, इसलिए तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें।
नए संकल्प लें: इस खास दिन रात 12 बजे से पहले अपनी डायरी में सालभर के लक्ष्य लिखें।
नकारात्मकता का त्याग: अंक 1 नई शुरुआत का प्रतीक है, इसलिए पुरानी कड़वाहट को छोड़कर आगे बढ़ें।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है। मीडिया चैनल इसकी पुष्टि नहीं करता है।