मूली के सेवन से एसिडिटी को नियंत्रित करने के उपाय
मूली का महत्व और स्वास्थ्य लाभ
आयुर्वेद के विशेषज्ञ वैध गोयल के अनुसार, यदि मूली का सेवन सही तरीके से किया जाए, तो यह पुरानी एसिडिटी को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। मूली, जिसे भारत में 'रेडिश' के नाम से भी जाना जाता है, ब्रैसिकेसी परिवार की एक कुरकुरी जड़ वाली सब्जी है। इसका हल्का तीखा स्वाद इसे सलाद, सूप और पारंपरिक भारतीय व्यंजनों में एक महत्वपूर्ण घटक बनाता है। मूली विभिन्न रंगों में उपलब्ध होती है, जैसे सफेद, लाल, बैंगनी और काले। यह न केवल स्वाद में बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। मूली की जड़ और पत्ते दोनों ही खाने योग्य होते हैं और इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं। सर्दियों में इसका सेवन इम्यूनिटी को बढ़ाता है और यह लिवर की कार्यक्षमता को सुधारने में सहायक होती है।
मूली के पोषण तत्व
नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार, मूली कैलोरी में कम और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। विशेष रूप से इसके पत्ते, जो जड़ की तुलना में लगभग दोगुना विटामिन C प्रदान करते हैं। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक, राइबोफ्लेविन और फोलेट की मात्रा भी अधिक होती है। ये सभी पोषक तत्व मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करते हैं।
पाचन में सुधार के लिए मूली का सेवन
मूली का सेवन पाचन में सुधार करता है और गट मूवमेंट को नियमित करता है। यह ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायक होती है। सर्दियों में मूली और इसके पत्तों का एक साथ सेवन करने से शरीर को भरपूर पोषण मिलता है।
मूली का सेवन करने का सही तरीका
आयुर्वेद में मूली को पाचन के लिए वरदान माना गया है। वैध सुभाष गोयल के अनुसार, मूली का सेवन विशेष तरीके से करने से पुरानी एसिडिटी को नियंत्रित किया जा सकता है। मूली को सेंधा नमक के साथ उपयोग करने से यह क्रॉनिक एसिडिटी का इलाज बन जाती है। रात में मूली को छीलकर कद्दूकस करें और जालीदार बर्तन में रखें ताकि इसका पानी निकलता रहे। इसमें एक चम्मच सेंधा नमक मिलाएं और अच्छे से मिक्स करें। नमक लगाने से मूली से पानी निकलने लगता है, जिससे पेट में गैस बनने की समस्या कम होती है।
मूली के सेवन के फायदे
इस मिश्रण को रातभर खुले बर्तन में रखें और सुबह धोकर खा लें। इस प्रक्रिया से मूली का सारा पानी निकल जाता है और इसके सभी मिनरल्स उस पानी में समाहित हो जाते हैं। इस तरह से मूली का सेवन करने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या समाप्त हो जाती है। मूली फाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाती है।