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नाभि खिसकने के कारण और उपचार के उपाय

नाभि खिसकने की समस्या आजकल आम हो गई है, जो तनावपूर्ण जीवनशैली और असावधानी के कारण होती है। इस लेख में, हम नाभि खिसकने के कारण, लक्षण और इसे सही करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे आप अपनी नाभि को सही स्थान पर ला सकते हैं और इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं।
 

नाभि खिसकने का परिचय


आजकल की तेज़-तर्रार जीवनशैली के कारण, तनाव और प्रतिस्पर्धा के माहौल में काम करने से नाभि चक्र प्रभावित होता है। यह अव्यवस्थित हो जाती है। खेलकूद के दौरान कूदने-फांदने, असावधानी से झुकने, भारी सामान उठाने, या अचानक गड्ढे में गिरने से भी नाभि खिसक सकती है। कई बार यह समस्या बचपन में भी उत्पन्न हो जाती है।


नाभि खिसकने का परीक्षण

सुबह खाली पेट ज़मीन पर शवासन में लेटें और अंगूठे से नाभि में स्पंदन महसूस करें। यदि यह नाभि में है, तो ठीक है, लेकिन यदि यह थोड़ा हटकर है, तो इसे नाभि का खिसकना कहा जाता है।


नाभि खिसकने के लक्षण

नाभि का खिसकना विभिन्न दिशाओं में हो सकता है। उदाहरण के लिए, पुरुषों की नाभि आमतौर पर बाईं ओर और महिलाओं की दाईं ओर खिसकती है। यदि नाभि ऊपर की ओर खिसकती है, तो यह यकृत और प्लीहा की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। वहीं, नीचे की ओर खिसकने से मूत्राशय और गर्भाशय की समस्याएं हो सकती हैं।


नाभि खिसकने पर क्या करें

जब नाभि खिसक जाए, तो हल्का सुपाच्य आहार देना चाहिए। मूँगदाल की खिचड़ी और अदरक का रस मिलाकर देना फायदेमंद होता है।


नाभि को सही स्थान पर लाने के उपाय

एक दरी पर लेटकर प्लास्टिक की गेंद को नाभि के मध्य रखें और पांच मिनट तक लेटे रहें। इसके अलावा, पादांगुष्ठनासास्पर्शासन करने से भी नाभि सही हो सकती है।