दिल की बीमारी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
दिल की सेहत का ध्यान रखना क्यों जरूरी है
हम अक्सर काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत की अनदेखी कर देते हैं। एक कहावत है कि हम अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा सेहत की समस्याओं पर खर्च करते हैं, जो कि हम पहले ही ध्यान नहीं रखते। इसलिए, क्यों न पहले से ही अपनी सेहत का ख्याल रखा जाए? आज हम दिल की बीमारियों पर चर्चा करेंगे। नियमित स्वास्थ्य जांच कराने वाले लोग अपनी सेहत की समस्याओं के बारे में जानते हैं, जबकि जो लोग ऐसा नहीं करते, उन्हें अपनी समस्याओं का पता नहीं चलता। अगर किसी को हार्ट ब्लॉकेज या अन्य दिल की समस्याएं हैं, तो यह गंभीर हो सकता है।
हार्ट ब्लॉकेज के संकेत
यदि आपके दिल में ब्लॉकेज हो रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके रक्त में एसिडिटी बढ़ रही है। एसिडिटी दो प्रकार की होती है: पेट की और रक्त में। पेट में एसिडिटी होने पर जलन और खट्टे डकारें आती हैं, जबकि दिल में एसिडिटी होने पर यह हाइपर-एसिडिटी बन जाती है। जब पेट की एसिडिटी रक्त में चली जाती है, तो यह दिल की नालियों में जम जाती है, जिसे हार्ट ब्लॉकेज कहा जाता है। इसके कारण रक्त प्रवाह बाधित होता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
हार्ट ब्लॉकेज को दूर करने के उपाय
हार्ट की ब्लॉकेज को दूर करने के लिए आपको ऐसी चीजें खानी चाहिए जो एसिडिटी को न्यूट्रल करें। सबसे प्रभावी चीज लौकी है। यदि आपके दिल में ब्लॉकेज है, तो हर सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी का जूस पिएं। इसे बनाने के लिए आप इसमें 7 से 10 तुलसी और पुदीना की पत्तियां भी डाल सकते हैं। लौकी का जूस निकालने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह कड़वी न हो। इस जूस में काला या सेंधा नमक डालें, क्योंकि सफेद नमक (आयोडीन वाला) एसिडिटी बढ़ाता है। 21वें दिन आपको फर्क महसूस होने लगेगा, और 2-3 महीनों में आपकी ब्लॉकेज ठीक हो जाएगी।
स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए
यदि आप स्वस्थ हैं, तो भी साल में एक बार इस उपाय का सेवन कर सकते हैं। लौकी का मौसम आने पर एक महीने तक इस विधि का पालन करें ताकि आपका दिल हमेशा स्वस्थ रहे।