जेनेटिक डायबिटीज से बचने के उपाय: परिवार में डायबिटीज का इतिहास होने पर क्या करें?
डायबिटीज से बचाव के उपाय
परिवार में किसी सदस्य को डायबिटीज होने पर खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सतर्क रहना आवश्यक है। कुछ सावधानियों से इस खतरे को कम किया जा सकता है।
जोखिम बढ़ने के कारण
डॉक्टर आलोक जोशी, जो डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिजीज के सीनियर डायरेक्टर हैं, बताते हैं कि विशेषकर टाइप-2 डायबिटीज में आनुवंशिक कारक महत्वपूर्ण होते हैं। यदि परिवार में यह बीमारी है, तो इंसुलिन रेजिस्टेंस या ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए आपको अधिक सतर्क रहना चाहिए।
डायबिटीज से बचने के लिए सुझाव
वजन को नियंत्रित करें- अधिक वजन, विशेषकर पेट के आसपास की चर्बी, डायबिटीज का एक बड़ा कारण है। BMI और कमर का आकार नियंत्रित रखना आवश्यक है।
नियमित व्यायाम करें- प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे तेज चलना, योग या साइक्लिंग करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। इससे वजन भी नियंत्रित रहता है।
संतुलित आहार लें- अपने आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दलिया, ओट्स और हरी सब्जियां शामिल करें। कम शुगर और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करें और हेल्दी फैट्स और प्रोटीन का संतुलन बनाएं।
नियमित जांच कराएं- यदि परिवार में डायबिटीज है, तो 30 वर्ष की आयु के बाद साल में कम से कम एक बार फास्टिंग शुगर और HbA1c टेस्ट कराना चाहिए। इससे खतरे का पता पहले से चल सकता है।
तनाव और नींद का ध्यान रखें- लगातार तनाव और नींद की कमी हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकती है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। इसलिए पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है।
मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड से बचें- यदि आपको डायबिटीज का खतरा है, तो कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड स्नैक्स और जंक फूड से दूर रहें, क्योंकि ये इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाते हैं।
डायबिटीज के लक्षण
- बार-बार प्यास लगना
- बार-बार पेशाब आना
- अचानक वजन घटना
- थकान
इन लक्षणों के प्रकट होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डायबिटीज से बचाव संभव है। सही समय पर जागरूकता और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है। यदि आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, तो इससे शुगर की बीमारी के खतरे को काफी कम किया जा सकता है।