गर्मी में कम रक्तचाप: जानें कैसे करें राहत
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का कहर
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है। तेज धूप, गर्मी और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में हीट स्ट्रोक के दो मरीजों का इलाज चल रहा है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो बुखार, सिरदर्द, चक्कर और धूप से संबंधित त्वचा समस्याओं के लक्षण दिखा रहे हैं।
गर्मी में सावधानी बरतें
डॉक्टरों का सुझाव है कि सभी को गर्मी की लहर के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए। बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस गर्मी के मौसम में, रक्तचाप में कमी के मामले भी काफी बढ़ जाते हैं। उच्च रक्तचाप की तरह, अत्यधिक कम रक्तचाप भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
कम रक्तचाप के लक्षण और उपाय
डॉ. तुषार शर्मा, एक इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ, बताते हैं कि गर्मी का मौसम केवल अत्यधिक पसीना, थकान और चक्कर का कारण नहीं बनता, बल्कि यह रक्तचाप के स्तर पर भी सीधा प्रभाव डालता है।
जब शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ता है, तो शरीर रक्त वाहिकाओं को फैलाकर तापमान को नियंत्रित करने की कोशिश करता है; इस फैलाव से रक्तचाप कम होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप, कई लोग अचानक चक्कर, कमजोरी, दृष्टि में अस्थायी धुंधलापन या बेहोशी का अनुभव कर सकते हैं। गर्मियों में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण कम रक्तचाप का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कम रक्तचाप के कारण
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में निर्जलीकरण एक सामान्य समस्या है, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। अत्यधिक पसीने के कारण शरीर आवश्यक खनिज जैसे सोडियम और पोटेशियम खोने लगता है। इन खनिजों की कमी से शारीरिक कमजोरी और रक्तचाप से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार कम रक्तचाप की समस्या है, तो यह मस्तिष्क, हृदय और गुर्दे पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
कम रक्तचाप के लिए तात्कालिक उपाय
यदि किसी का रक्तचाप अचानक गिरता है, तो कुछ सरल उपायों से राहत मिल सकती है:
पहले, लक्षणों पर ध्यान दें। क्या व्यक्ति चक्कर, कमजोरी या बेहोशी का अनुभव कर रहा है? ऐसे में तुरंत रक्तचाप जांचें। यदि यह 90/60 से कम है, तो तुरंत एक गिलास नींबू पानी में एक या दो चुटकी नमक मिलाकर दें। मरीज को लेटने के लिए कहें और उनके पैरों को थोड़ा ऊंचा रखें ताकि रक्त प्रवाह मस्तिष्क की ओर बढ़ सके। इससे तुरंत राहत मिलती है। शरीर के पानी और इलेक्ट्रोलाइट स्तर को पुनः भरने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दें। हालांकि, हृदय या गुर्दे की समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को नमक का सेवन बढ़ाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
कम रक्तचाप के दौरान क्या न करें?
यदि किसी का रक्तचाप कम है, तो उन्हें अचानक खड़े होने या चलने की अनुमति न दें, क्योंकि इससे बेहोशी और गिरने का खतरा बढ़ता है। उनके कपड़े ढीले करें ताकि शारीरिक आराम मिल सके। लंबे समय तक बिना भोजन के रहने से भी रक्तचाप गिर सकता है; इसलिए हल्का लेकिन पौष्टिक भोजन करना आवश्यक है। यदि कम रक्तचाप के कारण बेहोशी या तेज सांस लेने की समस्या होती है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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