किडनी की पथरी से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय
किडनी की पथरी एक गंभीर समस्या है जो अत्यधिक दर्द का कारण बनती है। इस लेख में, हम किडनी की पथरी के घरेलू उपचारों और देखभाल के तरीकों पर चर्चा करेंगे। जानें कैसे आप सरल उपायों से पथरी को खत्म कर सकते हैं और अपने गुर्दे की सेहत को बेहतर बना सकते हैं।
Jun 8, 2026, 00:06 IST
किडनी की देखभाल
- किडनी, युरेटर या ब्लैडर में पथरी का बनना एक अत्यंत दर्दनाक समस्या है। मूत्र में मौजूद रासायनिक तत्व जैसे युरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ऑक्सालिक एसिड पथरी का निर्माण करते हैं। इनमें से कैल्शियम ऑक्सालेट सबसे प्रमुख है, जो लगभग 90 प्रतिशत पथरी का कारण बनता है। गुर्दे की पथरी का दर्द बहुत तीव्र होता है, जिससे रोगी तड़प उठता है। जब पथरी अपने स्थान से खिसकती है, तो यह दर्द उत्पन्न करती है। पथरी गुर्दे से युरेटर और फिर युरिन ब्लैडर में जाती है, जिससे पेशाब करने में कठिनाई, उल्टी, मितली, पसीना और ठंड लगने जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। नुकीली पथरी से खरोंच लगने पर पेशाब में खून भी आ सकता है। इस समस्या में पेशाब थोड़ी मात्रा में बार-बार आता है।
- इस रोग का निदान करने के लिए सोनोग्राफी कराना आवश्यक है। विशेष हर्बल औषधियों से 30 मिमी तक की पथरी समाप्त हो सकती है, जबकि 4-5 मिमी तक की पथरी घरेलू नुस्खों से भी खत्म की जा सकती है। यहां कुछ सरल उपाय दिए जा रहे हैं।
- 1.) तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह जल्दी लें। ऐसा 5-6 महीने तक करने से छोटी पथरी निकल जाती है।
- 2.) मूली के पत्तों का रस 200 मि.ली. दिन में दो बार लेने से पथरी समाप्त होती है।
- 3.) दो अंजीर एक गिलास पानी में उबालकर सुबह पीएं। इसे एक महीने तक लेना आवश्यक है।
- 4.) नींबू का रस पथरी को घोलने में मदद करता है। एक नींबू का रस दिन में 1-2 बार हल्के गर्म पानी में लेना चाहिए।
- 5.) पानी शरीर से विजातीय पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। गर्मियों में 4-5 लीटर और सर्दियों में 3-4 लीटर पानी पीने की आदत डालें।
- 6.) रोज दो-तीन सेब खाने से पथरी में लाभ होता है।
- 7.) तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है। जब तक उपलब्ध हो, रोज तरबूज खाएं। यह पुरुषों के लिए वियाग्रा के समान काम करता है।
- 8.) कुलथी की दाल का सूप पीने से पथरी निकलने के प्रमाण मिले हैं। 20 ग्राम कुलथी को दो कप पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। सुबह और रात को सोने से पहले पीएं।
- 9.) शोध में पाया गया है कि विटामिन बी6 (पायरीडोक्सीन) के सेवन से पथरी समाप्त हो जाती है और नई पथरी बनने से भी रोक लगती है। 100 से 150 मि.ग्रा. की खुराक कई महीनों तक लेने से स्थायी समाधान मिलता है।
- 10.) कुलथी में पोटेशियम और पानी की अधिकता होने से गुर्दे के रोगों में लाभदायक सिद्ध हुआ है। इसमें अल्बुमिन और सोडियम कम होता है, जो गुर्दे के लिए उत्तम है।
- 11.) गाजर और मूली के बीज 10-10 ग्राम, गोखरू 20 ग्राम, जवाखार और हजरूल यहूद 5-5 ग्राम लेकर पाउडर बनाएं और 4-4 ग्राम की पुड़िया बनाएं। एक खुराक सुबह 6 बजे, दूसरी 8 बजे और तीसरी शाम 4 बजे दूध-पानी की लस्सी के साथ लें। यह एक प्रभावी उपचार है।
- 12.) पथरी को गलाने के लिए चौलाई की सब्जी गुणकारी है। इसे उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं। दिन में 3-4 बार यह उपाय करें।
- 13.) बथुआ की सब्जी आधा किलो लें। इसे 800 मि.ली. पानी में उबालें। अब इसे कपड़े या चाय की छलनी में छान लें। बथुआ की सब्जी को अच्छी तरह मसलकर मिलाएं। काली मिर्च आधा चम्मच और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर पीएं। दिन में 3-4 बार प्रयोग करते रहने से गुर्दे के विकार समाप्त होते हैं और पथरी निकल जाती है।
- 14.) प्याज में पथरी नाशक तत्व होते हैं। करीब 70 ग्राम प्याज को अच्छी तरह पीसकर या मिक्सर में चलाकर पेस्ट बनाएं। इसे कपड़े से निचोड़कर रस निकालें। सुबह खाली पेट पीते रहने से पथरी छोटे-छोटे टुकड़ों में निकल जाती है।
- 15.) सूखे आंवले को बारीक पीसें। यह चूर्ण कटी हुई मूली पर लगाकर भली प्रकार चबाकर खाने से कुछ ही हफ्तों में पथरी निकलने के प्रमाण मिले हैं।
- 16.) स्टूल पर चढ़कर 15-20 बार फर्श पर कूदें। पथरी नीचे खिसकेगी और पेशाब के रास्ते निकल जाएगी। निर्बल व्यक्ति यह प्रयोग न करें।
- 17.) मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया सभी 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दें। 24 घंटे बाद छानकर सौंफ और धनिया को पीसकर यह पेस्ट पुनः तरल मिश्रण में घोलकर पीते रहने से मूत्र पथरी निकल जाती है।
- 18.) जवाखार: गाय के दूध के लगभग 250 मि.ली. मट्ठे में 5 ग्राम जवाखार मिलाकर सुबह-शाम पीने से गुर्दे की पथरी खत्म होती है।
- 19.) गोक्षुर: गोक्षुर के बीजों का चूर्ण 3 से 6 ग्राम बकरी के दूध के साथ प्रतिदिन 2 बार खाने से पथरी खत्म होती है।
- 20.) फिटकरी: भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम दिन में 3 बार रोगी को पानी के साथ सेवन कराने से रोग ठीक होता है।
- 21.) कमलीशोरा: कमलीशोरा, गंधक और आमलासार 10-10 ग्राम अलग-अलग पीसकर मिला लें और हल्की आग पर गर्म करने के 1-1 ग्राम का आधा कप मूली के रस के साथ सुबह-शाम लेने से गुर्दे की पथरी में लाभ मिलता है।
- 22.) आलू: एक या दोनों गुर्दों में पथरी होने पर केवल आलू खाने से बहुत लाभ होता है। पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक मात्रा में पानी पिलाते रहने से गुर्दे की पथरियां और रेत आसानी से निकल जाती हैं। आलू में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो पथरी को निकालता है और पथरी बनने से रोकता है।
- 23.) तुलसी: 24 ग्राम तुलसी के सूखे पत्ते, 20 ग्राम अजवायन और 10 ग्राम सेंधानमक लेकर पाउडर बनाकर रख लें। यह 3 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से गुर्दे का तेज दर्द दूर होता है।
- 24.) पके हुए प्याज का रस पीना पथरी निकालने के लिए बेहद लाभदायक उपाय है। दो मध्यम आकार के प्याज लेकर भली प्रकार छीलें। एक गिलास जल में डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। अब इस मिश्रण को मिक्सर में डालकर चलाएं। इस रस को छानकर पिएं। 7 दिन तक यह उपचार करने से पथरी के टुकड़े निकल जाते हैं।