अनेक रोगों का नाशक चमत्कारिक काया कल्प तेल
काया कल्प तेल के लाभ
काया कल्प तेल एक अद्भुत औषधि है, जो कई रोगों को समाप्त करने की क्षमता रखता है। यह तेल न केवल बुढ़ापे को दूर करता है, बल्कि महिलाओं के बंध्यापन को भी समाप्त करता है। इसके नियमित उपयोग से मोटापा कम होता है, कामशक्ति में वृद्धि होती है और आयु भी बढ़ती है। यह शरीर को सुडौल और आकर्षक बनाता है, साथ ही विभिन्न प्रकार की दुर्गंध को भी समाप्त करता है।
तेल बनाने की विधि: इस बॉडी आयल में चंदन, खस, प्रियंगु, इलायची, गोरोचन, लोबान, अगर, कस्तूरी, कपूर, जावित्री, जायफल, कंकोल, सुपारी, लौंग, नली, जटामासी, कूट रेणुका, तगर, नागरमोथा, नवीन नख, बोल, दोना, चोरक शैलेय, एलुआ, सरल, स्तवन, जाख, आंवला, लजोनी घास, पदमाख, घाय के फूल, पुंडरीक, कचूर, अपामार्ग के पत्ते शामिल हैं। इन सभी सामग्रियों को 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर कूटकर एकसार कर लें। फिर इसमें 2 ग्राम केसर, 1 लीटर सरसों का तेल और 1 लीटर बेल के पत्तों का रस मिलाएं। इस मिश्रण को 4 लीटर पानी में घोटकर धीमी आंच पर गर्म करें। जब तक तेल रह जाए, तब तक इसे पकाएं। ठंडा होने पर छान लें। इस बॉडी आयल का प्रतिदिन एक घंटे तक मालिश करें और फिर स्नान करें। 6 महीने तक नियमित उपयोग करने से लाभ 15 दिन में ही दिखने लगेगा।