×

सुशांत सिंह राजपूत की मौत: नए दावों के बीच पुरानी बहस फिर से शुरू

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के छह साल बाद, उनके मामले में नए दावों ने फिर से बहस को जन्म दिया है। पूर्व पोस्टमॉर्टम स्टाफ सदस्य रूपकुमार शाह ने कहा कि सुशांत के शरीर पर ऐसे निशान थे जो सामान्य आत्महत्या से भिन्न थे। हालांकि, इन दावों का कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं है। आधिकारिक जांच में हत्या का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन दिशा सालियान की मौत के मामले ने भी इस साल फिर से चर्चा को बढ़ावा दिया है। क्या ये नए दावे सच हैं? जानें पूरी कहानी में।
 

सुशांत सिंह राजपूत का मामला फिर से चर्चा में


सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के छह साल बाद, उनके मामले ने फिर से ध्यान आकर्षित किया है। पूर्व पोस्टमॉर्टम स्टाफ सदस्य रूपकुमार शाह के पुराने दावों ने नई बहस को जन्म दिया है। शाह ने कहा था कि सुशांत के शरीर पर ऐसे निशान थे, जो सामान्य आत्महत्या के मामले से भिन्न थे। उनका यह भी कहना था कि सुशांत का गला 2-3 बार दबाया गया था। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं प्रस्तुत किया गया।


पोस्टमॉर्टम स्टाफ के दावे

रूपकुमार शाह ने कूपर अस्पताल के मॉर्चरी स्टाफ में काम किया था और उन्होंने सुशांत के पोस्टमॉर्टम से संबंधित होने का दावा किया। उनके अनुसार, सुशांत की गर्दन पर कुछ ऐसे निशान थे, जिन्हें उन्होंने सामान्य फांसी के निशान से अलग बताया। शाह ने गर्दन पर दबाव के निशान होने का भी उल्लेख किया।


हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये रूपकुमार शाह के व्यक्तिगत दावे हैं और इन्हें आधिकारिक चिकित्सा निष्कर्ष नहीं माना गया है।


आधिकारिक जांच के निष्कर्ष

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु की जांच में पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठे थे। 2020 में, मुंबई के पोस्टमॉर्टम से जुड़े डॉक्टरों ने कहा था कि शरीर पर किसी संघर्ष या बाहरी चोट के निशान नहीं मिले थे और गर्दन पर मौजूद लिगेचर मार्क फांसी से मेल खाते थे।


AIIMS की टीम की जांच में भी हत्या के आरोपों का समर्थन करने वाला कोई निष्कर्ष नहीं मिला। 2025 में, CBI ने अपनी जांच समाप्त करते हुए फाउल प्ले का कोई सबूत न मिलने की बात कही और क्लोजर रिपोर्ट पेश की।


2026 में मामला फिर से क्यों चर्चा में आया?

सुशांत केस से जुड़े सवालों के बीच उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मृत्यु का मामला भी इस वर्ष फिर से सुर्खियों में आया है। सितंबर 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज करने और CBI जांच का आदेश दिया। इसके बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में दोनों मामलों को लेकर फिर से सवाल उठने लगे।


हालांकि, दिशा सालियान मामले में सामने आए आरोपों या सुशांत की मृत्यु से जुड़े पुराने दावों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं है। किसी भी नए निष्कर्ष के लिए आधिकारिक जांच और ठोस सबूत आवश्यक होंगे।


क्या है पूरा मामला?

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। उनकी मृत्यु के बाद, मुंबई पुलिस के साथ-साथ अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने भी विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस मामले में लंबे समय तक कई तरह के दावे और सवाल उठते रहे।


हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जांच के अनुसार हत्या या फाउल प्ले का निष्कर्ष सामने नहीं आया। इसलिए पोस्टमॉर्टम स्टाफ के दावे को एक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।