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लखनऊ में विकसित होगा 150 किमी लंबा मेट्रो नेटवर्क, 10 नए कॉरिडोर की योजना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक नया मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिसमें 10 नए कॉरिडोर शामिल हैं। यह परियोजना 150 किमी लंबी होगी और 2047 तक चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इस विस्तार से शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ट्रैफिक में कमी आएगी और नए विकसित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। जानें इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

लखनऊ को बनाएंगे ग्लोबल सिटी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर एक आधुनिक और वैश्विक शहर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने लखनऊ में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत 10 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।


मेट्रो नेटवर्क का विस्तार


योगी सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में कुल 150 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो शहर की गति और विकास को बदल देगा।


लखनऊ को जोड़ने वाले 10 कॉरिडोर

यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन को जल्द से जल्द डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विकसित भारत 2047 विजन के तहत बनने वाले इन 10 रूट्स और उनकी लंबाई इस प्रकार है:



  • कल्ली पश्चिम से आईआईएम कॉरिडोर: 45 किमी

  • सीजी सिटी से एयरपोर्ट कॉरिडोर: 19.8 किमी

  • राजाजीपुरम से आईआईएम कॉरिडोर: 18.42 किमी

  • अनोरा कला से बाराबंकी कॉरिडोर: 14 किमी

  • चारबाग से कल्ली पश्चिम कॉरिडोर: 13 किमी

  • सीसीएस एयरपोर्ट से बंथरा कॉरिडोर: 11 किमी

  • अनोरा कला से इंदिरा नगर कॉरिडोर: 9.27 किमी

  • इंदिरा नगर से सीजी सिटी कॉरिडोर: 7.7 किमी

  • मुंशीपुलिया से जानकीपुरम कॉरिडोर: 6.29 किमी

  • कीपैड पश्चिम से मोहनलालगंज कॉरिडोर: 6 किमी


चरणबद्ध विकास और ट्रैफिक में कमी

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस महापरियोजना पर 2047 तक चरणबद्ध तरीके से कार्य पूरा किया जाएगा। जैसे-जैसे फंडिंग और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लखनऊ के प्रमुख औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्रों को मेट्रो ग्रिड से जोड़ा जाएगा।


इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि चारबाग, हजरतगंज और विकास नगर जैसे व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। इसके साथ ही, बाराबंकी रोड, मोहनलालगंज, बंथरा और जानकीपुरम जैसे नए विकसित क्षेत्रों को भी मुख्य शहर से तेज और सुलभ कनेक्टिविटी मिलेगी।