यूएई में भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइज़री, ईरानी हमलों के बाद सतर्क रहने की सलाह
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने ईरानी मिसाइल हमलों के बाद नागरिकों के लिए एक एडवाइज़री जारी की है। इसमें गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइल हमले किए हैं। जानें इस स्थिति में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और नागरिकों को क्या करना चाहिए।
Feb 28, 2026, 19:01 IST
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री
भारतीय दूतावास ने शनिवार को अबू धाबी में एक एडवाइज़री जारी की, जिसमें मिडिल ईस्ट में भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह एडवाइज़री ईरान द्वारा यूएई की राजधानी पर मिसाइल हमले के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। दूतावास ने लोगों से गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने का अनुरोध किया और कहा कि वह स्थिति पर नज़र रखेगा और आवश्यकतानुसार अपडेट प्रदान करेगा। एडवाइज़री में कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और यूएई अधिकारियों तथा दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही, इमरजेंसी संपर्क नंबर (800-46342 और +971543090571) भी प्रदान किए गए हैं।
ईरान के हमलों की प्रतिक्रिया
इससे पहले, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइल हमले किए। अबू धाबी में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। ईरान ने दुबई को भी निशाना बनाया, जिसके चलते बुर्ज खलीफा को खाली कराया गया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि वह सभी खतरों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यूएई की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित करने वाली किसी भी चीज़ का सख्ती से मुकाबला किया जाएगा।
ईरान की चेतावनी
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह नागरिक सुविधाओं और संस्थानों को लक्षित करने का प्रयास है, जो खतरनाक और कायरतापूर्ण है। ईरान ने भी अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले की निंदा की है और प्रतिशोध की चेतावनी दी है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को तब तक निशाना बनाता रहेगा जब तक वे हार नहीं जाते। अमेरिका और इज़राइल का आरोप है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार विकसित कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका न्यूक्लियर कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी चल रही थी, लेकिन किसी भी पक्ष ने एक-दूसरे की मांगों को मानने से इनकार कर दिया है।