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यात्रियों के लिए नई सीट चयन नीति: बिना शुल्क के चुन सकेंगे सीटें

हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नई सीट चयन नीति की घोषणा की गई है, जिसके तहत लगभग 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चुनने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह बदलाव विशेष रूप से परिवारों और समूहों के लिए फायदेमंद होगा, जिससे वे एक साथ बैठ सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय हवाई यात्रा को अधिक सुविधाजनक और यात्री-अनुकूल बनाएगा। जानें इस नई नीति के बारे में और क्या बदलाव आने वाले हैं।
 

नई सीट चयन नीति की घोषणा


नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की सूचना आई है। अब फ्लाइट में यात्रा करते समय यात्रियों को सीट चुनने के लिए भारी शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। नए नियमों के तहत लगभग 60 प्रतिशत सीटें ऐसी होंगी जिन्हें यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चुन सकेंगे। पहले, कई एयरलाइंस में सीट चयन के लिए यात्रियों को 500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता था।


परिवारों के लिए लाभकारी बदलाव

इस नए नियम का सबसे अधिक लाभ उन यात्रियों को होगा जो परिवार या समूह के साथ यात्रा करते हैं। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही टिकट पर यात्रा कर रहे परिवार के सदस्यों या समूह के लोगों को संभव हो तो एक साथ बैठाया जाए। पहले, अक्सर ऐसा होता था कि सीट चुनने के लिए पैसे नहीं देने पर परिवार के सदस्य अलग-अलग सीटों पर बैठ जाते थे, जिससे यात्रियों को असुविधा होती थी।


नए दिशा-निर्देशों का प्रभाव

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस को अपनी कुल सीटों में से अधिकांश सीटें सामान्य श्रेणी में रखनी होंगी, जिनके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। केवल कुछ विशेष सीटें, जैसे कि आगे की पंक्ति, अधिक लेग स्पेस वाली सीट या इमरजेंसी एग्जिट सीट के लिए ही अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा।


यात्रियों की प्रतिक्रिया

यात्रियों का मानना है कि यह निर्णय लंबे समय से आवश्यक था, क्योंकि सीट चयन के नाम पर एयरलाइंस अतिरिक्त कमाई कर रही थीं। विशेष रूप से, बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को मजबूरी में पैसे देकर सीट चुननी पड़ती थी।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से हवाई यात्रा अधिक सुविधाजनक और यात्री-अनुकूल बनेगी। इसके साथ ही, इससे लोगों का एयर ट्रैवल पर भरोसा भी बढ़ेगा।


भविष्य की संभावनाएँ

हालांकि एयरलाइंस कंपनियों की ओर से अभी विस्तृत नियम जारी नहीं हुए हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था सभी घरेलू उड़ानों में लागू की जा सकती है।