भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात में नया रिकॉर्ड बनाया
भारत की अर्थव्यवस्था ने रचा नया इतिहास
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात 863.1 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा बुधवार को जारी सरकारी रिपोर्ट में सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि इस सफलता का मुख्य श्रेय भारत के सेवा क्षेत्र को जाता है।
सेवा क्षेत्र का उत्कृष्ट प्रदर्शन
भारत के सेवा निर्यात ने इस बार उम्मीदों को पार करते हुए 421.3 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छू लिया, जबकि पहले इसका अनुमान 418.3 बिलियन डॉलर था। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 387.55 बिलियन डॉलर था, जो इस वर्ष 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। आईटी, व्यवसाय समाधान और पेशेवर सेवाओं की वैश्विक मांग ने इस वृद्धि को प्रेरित किया है।
हर तिमाही में निर्यात में वृद्धि
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की प्रत्येक तिमाही में भारत ने निर्यात के नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत के कुल निर्यात में सालाना आधार पर 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष का कुल निर्यात 825.26 बिलियन डॉलर था।
सामान के निर्यात में स्थिरता
जहां सेवाओं का निर्यात बढ़ा, वहीं सामानों के निर्यात में भी स्थिरता बनी रही। वित्त वर्ष 2026 में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 0.93 प्रतिशत बढ़कर 441.78 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 437.7 बिलियन डॉलर था। अधिकारियों का कहना है कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत धीरे-धीरे एक सेवा-आधारित निर्यात अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।
इस सफलता का महत्व
दुनिया भर में भूराजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में बाधाओं के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ना यह दर्शाता है कि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों और सेवाओं की विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है। यह न केवल भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करेगा, बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।