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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की नई बातचीत शुरू

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर नई बातचीत वॉशिंगटन में शुरू हो गई है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दर्पण जैन कर रहे हैं, और वार्ता का उद्देश्य एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता करना है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही किसी बड़े समझौते की घोषणा की जा सकती है। अमेरिकी राजदूत ने इस बातचीत को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया है। जानें इस वार्ता की प्रगति और संभावित समझौते के बारे में।
 

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर चर्चा करने के लिए वॉशिंगटन में एक नई वार्ता का दौर आरंभ हो गया है। इस बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच से मुलाकात करेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता करना है। इस बैठक का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं।


बातचीत की प्रगति

दर्पण जैन अमेरिकी वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के साथ चर्चा करेंगे। अधिकारियों ने बताया है कि अधिकांश कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ छोटी-छोटी चीजों पर अंतिम निर्णय लेना बाकी है। एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन और भारत के बीच यह बातचीत सकारात्मक और सार्थक दिशा में बढ़ रही है।


जल्द खुशखबरी की उम्मीद

इस डील के संदर्भ में यह माना जा रहा है कि नई बातचीत के बाद दोनों देश जल्द ही किसी बड़े व्यापार समझौते की घोषणा कर सकते हैं। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को सरल बनाने और टैरिफ को कम करने के लिए लंबे समय से वार्ता चल रही है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो यह दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।


डील की योजना

अमेरिका, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और भारत, जो तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, ने पहले 7 फरवरी को एक प्रारंभिक समझौते की योजना बनाई थी। इसके बाद, 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने बीटीए पर कार्य आरंभ किया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बाजारों में एक-दूसरे के उत्पादों की पहुंच को आसान बनाना और व्यापार को बढ़ावा देना है।


अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत दोनों देशों के लिए लाभकारी है। इस समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को काफी लाभ होगा। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और भारत के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। भारत ने अन्य देशों की तुलना में सबसे बेहतर डील हासिल की है।