×

ब्रिटेन से कोहिनूर हीरा लौटाने की मांग: न्यूयार्क के मेयर का बयान

न्यूयार्क के मेयर जोहरान ममदानी ने ब्रिटेन में स्थित कोहिनूर हीरे को भारत लौटाने की मांग की है। यह बयान उस समय आया जब ब्रिटेन के राजा अमेरिका की यात्रा पर हैं। ममदानी ने कहा कि यदि मौका मिले, तो वे ब्रिटिश राजा से आग्रह करेंगे कि कोहिनूर हीरा भारत को वापस किया जाए। इस लेख में हम जानेंगे कि ब्रिटेन के पास और कौन-कौन सी भारतीय धरोहरें हैं और भारत इनकी वापसी की मांग क्यों कर रहा है।
 

कोहिनूर हीरे की वापसी की वकालत

न्यूयार्क के मेयर जोहरान ममदानी ने ब्रिटेन में स्थित कोहिनूर हीरे को भारत लौटाने की अपील की है। ममदानी, जो कि मूल रूप से भारतीय हैं, ने यह मांग तब की जब ब्रिटेन के राजा अमेरिका की यात्रा पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मौका मिले, तो वे ब्रिटिश राजा से आग्रह करेंगे कि कोहिनूर हीरा भारत को वापस किया जाए। यह हीरा वर्तमान में लंदन के टॉवर में स्थित है।


ब्रिटेन में भारतीय धरोहर

ममदानी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। इसके बाद, विशेषज्ञ यह जानने में जुट गए हैं कि ब्रिटेन के पास भारत की कितनी अन्य वस्तुएं हैं। भारत की कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें आज भी ब्रिटेन में मौजूद हैं। यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। कई बुद्धिजीवी और नेता इन वस्तुओं की वापसी की मांग कर रहे हैं।


कोहिनूर का इतिहास

कोहिनूर हीरा भारत की पहचान का प्रतीक है। यह कई शासकों के पास रहा और अंततः ब्रिटिश ताज का हिस्सा बन गया। भारत इसकी वापसी की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। यह हीरा मुगलों के पास था और ईरानी शासक नादिर शाह द्वारा भारत पर आक्रमण के दौरान इसे कब्जे में लिया गया।


टीपू सुल्तान की धरोहर

टीपू सुल्तान की तलवार, अंगूठी और उनका प्रसिद्ध टाइगर मॉडल भी ब्रिटेन में मौजूद हैं। यह मॉडल एक बाघ को अंग्रेज सैनिक पर हमला करते हुए दर्शाता है, जो उनकी सोच और संघर्ष का प्रतीक है।


धार्मिक और सांस्कृतिक वस्तुएं

ब्रिटेन में देवी सरस्वती जैसी मूर्तियां भी हैं, जो भारतीय संस्कृति से जुड़ी हैं। इनका विदेश में होना लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है।


भारत की वापसी की मांग

भारत लंबे समय से इन वस्तुओं की वापसी की मांग कर रहा है। सरकार और विशेषज्ञ इसे ऐतिहासिक न्याय का मुद्दा मानते हैं। ब्रिटेन के संग्रहालय इन वस्तुओं की देखभाल का दावा करते हैं और उन्हें वैश्विक धरोहर मानते हैं।


अन्य देशों के प्रयास

कुछ विशेषज्ञों का सुझाव है कि दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है। कई देशों ने अपनी धरोहर वापस पाने के लिए प्रयास किए हैं, जैसे ग्रीस और मिस्र।


संस्कृति और पहचान का मुद्दा

यह मुद्दा केवल वस्तुओं का नहीं है, बल्कि यह इतिहास, सम्मान और पहचान से जुड़ा है। कोहिनूर एक प्रतीक है, लेकिन असली सवाल इससे बड़ा है।