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बुलंदशहर में गोद भराई समारोह के बाद स्वास्थ्य संकट, 30 से अधिक लोग बीमार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक गोद भराई समारोह के बाद 30 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। दावत में खाए गए भोजन के बाद लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है और डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है। इस घटना ने गांव में दहशत का माहौल बना दिया है।
 

बुलंदशहर में स्वास्थ्य संकट का सामना

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद क्षेत्र में एक गोद भराई समारोह के बाद स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है। सालवा गांव में आयोजित इस दावत में भोजन करने के बाद 30 से ज्यादा लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और चक्कर आने की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।


दावत के बाद स्वास्थ्य में गिरावट

सूत्रों के अनुसार, गांव के निवासी कलवा उर्फ प्रेम सिंह की बेटी मीनाक्षी की गोद भराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस समारोह में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए थे। दावत में मटर पनीर और छेना रसगुल्ला खाने के कुछ समय बाद ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।


फूड पॉइजनिंग की आशंका

ग्रामीणों ने बताया कि सभी मरीजों में समान लक्षण देखे गए हैं। कई लोगों को तेज पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी महसूस हुई। कुछ की हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया और परिजन अपने बीमार रिश्तेदारों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए।


एंबुलेंस से मरीजों को अस्पताल भेजा गया

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। लगभग एक दर्जन एंबुलेंस गांव में भेजी गईं। मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गंभीर मरीजों का इलाज जारी है।


खाद्य विभाग ने सैंपल लिए, जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दावत में बने भोजन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोगों की तबीयत बिगड़ने का असली कारण क्या था।


प्रशासन की निगरानी, गांव में दहशत

प्रशासन ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ को अभी भी निगरानी में रखा गया है। इस घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।