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बागपत में प्रेमी-प्रेमिका की हत्या: भाजपा नेता गिरफ्तार

बागपत में प्रेमी विक्रांत और उसकी प्रेमिका राखी कश्यप की हत्या के मामले में भाजपा नेता सुधारस चौहान की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए सबूत भी बरामद किए हैं। इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें प्रेम संबंध और विवाद के चलते हुई हत्या शामिल है। जानें इस हाईप्रोफाइल मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

हत्या का चौंकाने वाला खुलासा

बागपत में डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत और उसकी प्रेमिका राखी कश्यप की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में भाजपा नेता सुधारस चौहान को गिरफ्तार किया है, जो बड़ौत में अपने घर में छिपा हुआ था। पुलिस ने राखी की हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने दाव को भी बरामद किया है।


सुधारस की गिरफ्तारी

बागपत पुलिस ने शुक्रवार को सुधारस चौहान को गिरफ्तार किया, जो भाजपा युवा मोर्चा का पूर्व नगर अध्यक्ष है। वह चौहान इन्क्लेव में अपने घर में छिपा हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बड़ौत रोड पर उसके कार्यालय से खून से सना दाव और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी जब्त की।


हत्या की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, विक्रांत और राखी के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों शादी करने वाले थे। 15 अप्रैल की रात को राखी के घर पर एक पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें सुधारस और कपिल चौहान भी शामिल थे। पार्टी के दौरान किसी बात पर विवाद होने पर राखी ने विक्रांत को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी।


हत्या की योजना

विक्रांत को गंभीर हालत में सहारनपुर के बड़गांव ले जाया गया, जहां उसके शव को नहर में फेंकने से पहले उसके मुंह पर पत्थर से वार किया गया। जब विक्रांत की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई, तो राखी से पूछताछ शुरू हुई। सुधारस को डर सताने लगा और उसने 25 अप्रैल की रात को राखी को सहारनपुर के रजापुर नौगांव के फार्म हाउस पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी।


पुलिस की कार्रवाई

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कपिल को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद बागपत और सहारनपुर पुलिस सुधारस की तलाश में जुट गई। शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि सुधारस अपने घर पर है, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।


सुधारस का राजनीतिक इतिहास

सुधारस चौहान भाजपा का एक सक्रिय सदस्य रहा है। वह 2020 में भाजपा युवा मोर्चा का नगर अध्यक्ष बना था, लेकिन एक साल बाद उसे बदल दिया गया। इसके बाद वह 2021 में भाकियू भानू का महासचिव भी बना।