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तनिशा की भावुक अपील: स्कूल को बचाने के लिए उठी आवाज़

तनिशा, एक कक्षा नौ की छात्रा, ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपने विद्यालय को बचाने की अपील की है। उसने बताया कि यदि स्कूल बंद होता है, तो 243 विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। पिछले वर्ष इंस्पायर अवॉर्ड से सम्मानित तनिशा ने विद्यालय को बचाने के लिए अपनी पुरस्कार राशि भी देने का प्रस्ताव रखा है। स्कूल के बाहर छात्रों और अभिभावकों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें सभी ने विद्यालय को बचाने की मांग की। पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने भी समर्थन दिया है।
 

तनिशा की अपील

विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल की कक्षा नौ की छात्रा तनिशा ने जिलाधिकारी विशाख जी. को एक पत्र लिखकर अपने विद्यालय को बचाने की गुहार लगाई है। उसने बताया कि वह एक गरीब परिवार से आती है और यदि स्कूल बंद होता है, तो केवल उसकी नहीं, बल्कि 243 अन्य विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य भी प्रभावित होगा।


इंस्पायर अवॉर्ड की राशि देने का प्रस्ताव

तनिशा, जो पिछले वर्ष इंस्पायर अवॉर्ड से सम्मानित हुई थी, ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वह पुरस्कार के रूप में मिली 10,000 रुपये की राशि भी विद्यालय को बचाने के लिए देने को तैयार है। उसकी यह अपील उन सैकड़ों विद्यार्थियों की चिंता को उजागर करती है, जिनकी शिक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।


किराएदारी विवाद के कारण स्कूल खाली

गुरुवार को किराएदारी विवाद के चलते एडीएम महेंद्र पाल के आदेश पर पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय परिसर को खाली कराया गया। ग्रीष्मावकाश के दौरान हुई इस कार्रवाई में स्कूल के अभिलेख, फर्नीचर, पंखे, कंप्यूटर और अन्य शैक्षणिक सामग्री को परिसर से बाहर निकाल दिया गया।


छात्रों और अभिभावकों का प्रदर्शन

शनिवार को विद्यालय के बाहर का माहौल भावुक था। छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर स्कूल को बचाने की मांग कर रही थीं। कई छात्राओं की आंखों में आंसू थे, जबकि अभिभावकों के चेहरों पर बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता साफ झलक रही थी। शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों ने एकजुट होकर विद्यालय को मुक्त कराने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।


विद्यालय का इतिहास

विद्यालय की प्रबंधिका संतोष रस्तोगी ने बताया कि यह संस्थान 1936 से संचालित हो रहा है और हजारों छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर चुका है। प्रधानाचार्य रश्मि यादव के अनुसार, यहां कक्षा एक से पांच तक बालक और कक्षा छह से हाई स्कूल तक छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। वर्तमान में यहां 243 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं।


अभिभावकों की चिंता

प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों की शिक्षा का मुख्य आधार यही विद्यालय है। उनका कहना है कि यदि स्कूल बंद हो गया, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और कई परिवारों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।


पूर्व मंत्री का समर्थन

लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा पर इस प्रकार का संकट चिंताजनक है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विद्यालय को बचाने की मांग उठाने का आश्वासन दिया।


शिक्षक संगठनों की चेतावनी

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी, महासचिव आशीष कुमार सिंह समेत कई शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि सोमवार तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।