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ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत: CBI ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया, बयानों में विरोधाभास

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मृत्यु की जांच में CBI ने हाल ही में क्राइम सीन का पुनर्निर्माण किया। इस प्रक्रिया में उनके पति और सास के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने आया है, जिससे मामला और जटिल हो गया है। CBI आज अदालत में रिमांड बढ़ाने की याचिका दायर कर सकती है। जानें इस मामले में क्या नया हुआ है और जांच के अगले कदम क्या होंगे।
 

ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी CBI

भोपाल समाचार: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मृत्यु की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन में उनके निवास पर क्राइम सीन का पुनर्निर्माण किया। इस प्रक्रिया के दौरान, ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास (पूर्व जज) गिरिबाला सिंह के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने आया है, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। CBI आज (मंगलवार) को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड बढ़ाने की याचिका दायर कर सकती है।

Twisha Sharma: ट्विशा की सास ने 10 सेकंड में खोला फंदा, मैच नहीं हुए बयान… CBI आज फिर कर सकती है रिमांड बढ़ाने की मांग

CBI की टीम ने आरोपियों को घटनास्थल पर लाकर जांच की। जांच एजेंसी ने ट्विशा के कद और लगभग 80 किलो वजन के बराबर एक सफेद पुतले को फंदे पर लटकाया। इसके बाद आरोपियों से घटना के समय की स्थिति को फिर से बताने के लिए कहा गया।

इस प्रक्रिया के दौरान, पति समर्थ ने पुतले को पीछे से सहारा दिया, जबकि सास गिरिबाला सिंह ने 10 सेकंड से भी कम समय में उसके गले का फंदा खोल दिया। इसके अतिरिक्त, घटना के बाद ट्विशा को सीपीआर (CPR) देने की प्रक्रिया को भी पुनर्निर्मित किया गया।

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बयानों में विरोधाभास, मामला और उलझा

क्राइम सीन के पुनर्निर्माण के दौरान CBI ने आरोपियों और गवाहों के पूर्व बयानों का मौके की स्थिति से मिलान किया। सूत्रों के अनुसार, पति समर्थ और सास गिरिबाला द्वारा बताई गई घटना की थ्योरी सीन रीक्रिएशन के समय मेल नहीं खाई। इस बड़े अंतर और विरोधाभास के कारण CBI का संदेह और गहरा गया है।

आज कोर्ट में रिमांड बढ़ाने की याचिका

आरोपियों की 5 दिनों की CBI रिमांड आज, 2 जून को समाप्त हो रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि अभी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ और सबूतों का मिलान होना बाकी है। बयानों में विरोधाभास के अलावा, डिजिटल, फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ना अभी शेष है। यही कारण है कि CBI मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर उनकी 3 से 5 दिनों की और रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि इस संदिग्ध मृत्यु के पीछे का असली सच सामने आ सके.