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ट्रंप का ईरान को कड़ा अल्टीमेटम: 48 घंटे में होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने की मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक गंभीर अल्टीमेटम दिया है, जिसमें 48 घंटे के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की मांग की गई है। यदि ऐसा नहीं होता, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी दे रहा है। इस बीच, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानें इस संकट का वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव क्या हो सकता है।
 

अमेरिकी राष्ट्रपति का सख्त संदेश


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर से एक गंभीर और विनाशकारी अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि यदि ईरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी खतरे या बाधा के नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के विभिन्न बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर देगा। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से लिखा:


महत्वपूर्ण समय सीमा

“If Iran doesn’t FULLY OPEN, WITHOUT THREAT, the Strait of Hormuz, within 48 HOURS from this exact point in time, the United States of America will hit and obliterate their various POWER PLANTS, STARTING WITH THE BIGGEST ONE FIRST!”


यह पोस्ट शनिवार रात (21 मार्च 2026) को लगभग 23:44 GMT पर की गई थी, जो भारत के समय के अनुसार रविवार की सुबह है। इसका अर्थ है कि ईरान के पास अब 23 मार्च 2026 की रात तक का समय है, अन्यथा अमेरिकी सेना ईरान के सबसे बड़े बिजली संयंत्र पर हमले की शुरुआत कर सकती है।


होर्मुज़ जलडमरूमध्य का महत्व

होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से प्रतिदिन लगभग 20-25% वैश्विक तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस गुजरती है। ईरान ने अमेरिका-इजराइल के हमलों के जवाब में इस जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई देशों में ईंधन संकट गहरा रहा है। ट्रंप का यह अल्टीमेटम इसी स्थिति को तुरंत समाप्त करने की मांग है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने ट्रंप की धमकी का तुरंत जवाब दिया। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजराइल ने ईरान के किसी भी बुनियादी ढांचे पर हमला किया, तो ईरान क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल से जुड़ी सभी ऊर्जा, आईटी और पानी की सुविधाओं को निशाना बनाएगा। ईरानी मीडिया ने इसे "आखिरी चेतावनी" बताया है।


इजराइल पर ईरान का हमला

इस बीच, ईरान ने इजराइल के दक्षिणी क्षेत्रों में भारी मिसाइल हमला किया। मुख्य लक्ष्य थे:


  • डिमोना – इजराइल का प्रमुख परमाणु रिसर्च केंद्र।
  • अराद शहर।


ईरानी मीडिया का दावा है कि यह हमला इजराइल के परमाणु ठिकानों पर सीधा था, जबकि इजराइल ने कहा कि न्यूक्लियर साइट को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, हमले से दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और लगभग 47 से 100 लोग घायल हुए हैं।


युद्ध की स्थिति

यह घटनाक्रम अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान युद्ध के 23वें दिन आया है। ट्रंप कुछ दिन पहले "युद्ध खत्म करने" की बात कर रहे थे, लेकिन अब उन्होंने सख्त रुख अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अल्टीमेटम युद्ध को और भड़काएगा या फिर किसी बड़े समझौते की अंतिम कोशिश हो सकती है।


  • वैश्विक प्रभाव: तेल की कीमतें 150 डॉलर/बैरल के पार पहुंच सकती हैं।
  • क्षेत्रीय खतरा: अगर पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो ईरान में अंधेरा छा जाएगा।
  • परमाणु खतरा: डिमोना जैसे ठिकानों पर हमले से परमाणु संकट की आशंका बढ़ गई है।


मध्य पूर्व में तनाव अब चरम पर है। अगले 48 घंटे निर्णायक साबित होंगे – या तो होर्मुज़ खुल जाएगा, या फिर युद्ध एक नए और खतरनाक चरण में प्रवेश कर जाएगा।