चीन का गुप्त परमाणु विस्तार: सिचुआन में नए निर्माण की खोज
चीन के परमाणु कार्यक्रम का विस्तार
जबकि दुनिया ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है, चीन एक बड़े परियोजना पर काम कर रहा है जो उसके परमाणु महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाने के लिए है। यह जानकारी 2022 से शुरू होती है, जब चीनी सरकार ने सिचुआन प्रांत में गांव वालों की भूमि को जब्त किया और उन्हें उनके घरों से बाहर निकाला। अब, तीन साल बाद, उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि क्षेत्र में पूरी तरह से बदलाव आया है। सीएनएन की एक जांच के अनुसार, इन चित्रों में दिखाया गया है कि उनकी भूमि को समतल किया गया है और नए निर्माण किए गए हैं जो चीन के नए परमाणु हथियार उत्पादन सुविधाओं के लिए हैं।
सिचुआन प्रांत के उपग्रह चित्रों में नए बड़े और चौड़े भवनों का निर्माण दिखाया गया है, साथ ही सीएनएन द्वारा समीक्षा किए गए चीनी सरकारी दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि बीजिंग अपने परमाणु हथियार अभियान को आधुनिक बनाने के लिए एक गुप्त योजना पर काम कर रहा है। उपग्रह चित्रों से यह भी पता चलता है कि टोंगजियांग नदी के किनारे बड़े गुंबद जैसे संरचनाएं बन रही हैं।
इसके अलावा, ये गुंबद जैसी संरचनाएं कंक्रीट और स्टील की दीवारों से घिरी हुई हैं। इनमें विकिरण मॉनिटर, विस्फोट दरवाजे, और एक बड़ा पाइप नेटवर्क भी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, सिचुआन की 'परमाणु' सुविधा में वायु प्रबंधन उपकरण हैं, जो विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च रेडियोधर्मी सामग्री जैसे यूरेनियम और प्लूटोनियम को संभालने के लिए बनाए गए हैं।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों की दृष्टि में चीन के विशाल परमाणु स्थलों का निर्माण
सीएनएन ने मध्यबरी कॉलेज के वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञ जेफरी लुईस के हवाले से कहा कि चीन में बन रहे नए संरचनाएं लोगों के सबसे बुरे सपनों का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, “यह सुविधा एक केंद्रीय बिंदु है। यह सभी परिवर्तनों का प्रतीक है। ऐसा लगता है कि अंत में उत्पादन की क्षमता बहुत बढ़ने वाली है।”
गुप्त परमाणु स्थल 906
चीन का गुप्त परमाणु स्थल 906, जिसे 1971 में अमेरिकी खुफिया ने खोजा था
सीएनएन के अनुसार, यह गुप्त स्थल जहां चीन अपने सबसे बड़े परमाणु हथियार विस्तार की सुविधा बना रहा है, इसे 906 कहा जाता है। यह स्थल - 906 - पहली बार 1971 में अमेरिकी खुफिया द्वारा खोजा गया था और तब से इसमें सीमित गतिविधि देखी गई थी। अब उपग्रह चित्रों से नए भवनों और संरचनाओं का निर्माण दिखाया गया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, नए रास्ते भी बनाए गए हैं जो इस स्थल 906 को तीन अन्य परमाणु हथियार ठिकानों से जोड़ते हैं।
सिचुआन प्रांत के दो और गांवों का हाल
सिचुआन प्रांत के दो और गांवों का हाल
साइट 906 के अलावा, बाइटू गांव में एक साइट 931 है, जहां के निवासियों को भी निकाला गया है। इसके अलावा, डाशान नामक एक अन्य गांव के निवासियों को भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है।
अमेरिकी दस्तावेजों का खुलासा
अमेरिकी दस्तावेजों का खुलासा: चीन दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु हथियार निर्माता बनने की ओर
1971 में, अमेरिकी खुफिया ने इन स्थलों को एक गेमचेंजर के रूप में देखा और बाद में डीक्लासिफाइड दस्तावेजों ने सुझाव दिया कि बीजिंग दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु हथियार निर्माता बनने की दिशा में है। कुल मिलाकर, सीएनएन की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि चीन अपने परमाणु हथियार बुनियादी ढांचे का एक बड़ा, गुप्त विस्तार कर रहा है और इस आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने भूमि जब्त की और पूरे गांवों को समतल किया है।