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ईरान पर ट्रंप का नया हमला: मीडिया की रिपोर्टिंग पर सवाल उठाए

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के आत्मसमर्पण की संभावनाओं पर अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भले ही ईरान पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दे, मीडिया इसे तेहरान की जीत के रूप में पेश करेगा। इस बीच, ईरान ने बातचीत को निलंबित करने का दावा किया है, जबकि ट्रंप ने कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने का संकेत दिया है। इस स्थिति में तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
 

ट्रंप का मीडिया पर हमला


नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के बारे में अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टिंग पर एक नया हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दे, तो भी इसे तेहरान की जीत के रूप में पेश किया जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लंबे पोस्ट में लिखा, "अगर ईरान आत्मसमर्पण करता है, अपनी नौसेना के खत्म होने की बात स्वीकार करता है, और अगर उनका पूरा सैन्य बल तेहरान से बाहर निकलता है, तो भी मीडिया इसे अमेरिका पर एक शानदार जीत के रूप में दिखाएगा।"


ट्रंप ने यह टिप्पणी उस समय की है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत की स्थिति को लेकर भ्रम बढ़ रहा है। दोनों पक्षों ने बातचीत की प्रगति के बारे में अलग-अलग जानकारी दी है।


इससे पहले, ट्रंप ने CNBC से बात करते हुए कहा कि उन्हें बातचीत की कोई परवाह नहीं है और इसे "बहुत उबाऊ" बताया। हालांकि, उन्होंने बाद में संकेत दिया कि कूटनीतिक बातचीत जारी है।


ईरान ने हालांकि यह दावा किया है कि बातचीत निलंबित हो गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने इजरायल के लेबनान में सैन्य अभियानों के खिलाफ विरोध में वार्ता को रोक दिया है।


ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर क्षेत्रीय तनावों में भागीदारी का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायली सैन्य अभियान जारी रहा, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।


इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह के लक्ष्यों पर हमले का आदेश दिया है। ट्रंप ने बाद में नेतन्याहू और हिज़्बुल्लाह से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की बात कही और संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों का संकेत दिया।


इस प्रकार, ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।