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ईरान के विदेश मंत्री का तीन देशों का दौरा: सुरक्षा और बातचीत के मुद्दे

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान, ओमान और रूस का दौरा किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने सुरक्षा मुद्दों और बातचीत के संभावित रास्तों पर चर्चा की। पाकिस्तान में उन्होंने ईरान की शर्तें स्पष्ट कीं, जबकि ओमान में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर बात की। रूस में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति पुतिन से होगी, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिमी प्रतिबंधों पर चर्चा की जाएगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के साथ बातचीत में रुकावट आई है।
 

ईरान के विदेश मंत्री का दौरा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले 24 घंटों में तीन देशों की यात्रा की। उनकी पहली मंजिल पाकिस्तान थी, जहां वह रविवार को पहुंचे। यह उनका इस्लामाबाद का दूसरा दौरा था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। इससे पहले, उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य उच्च अधिकारियों से भी चर्चा की।


पाकिस्तान में ईरान की शर्तें

रिपोर्टों के अनुसार, अराघची ने पाकिस्तान में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किया, जिसमें ईरान की शर्तें स्पष्ट की गई हैं। इसमें परमाणु मुद्दे और होर्मुज स्ट्रेट से संबंधित प्रस्ताव शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने समस्या के समाधान के लिए एक व्यावहारिक योजना पेश की है। हालांकि, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अमेरिका वास्तव में बातचीत के लिए इच्छुक है।


ओमान में सुरक्षा वार्ता

इसके बाद, अराघची ओमान पहुंचे, जहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की। इस बैठक में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा हुई। अराघची ने कहा कि होर्मुज से जुड़े देशों को मिलकर इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि इसका लाभ पूरी दुनिया को होता है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज में एक टोल बूथ स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।


रूस में पुतिन से मुलाकात

अराघची ने सोमवार को रूस की यात्रा की, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से होगी। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध और होर्मुज संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के साथ बातचीत में बाधाएं आई हुई हैं।


ईरान की तात्कालिकता

होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है, और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि इस पर नियंत्रण रखना उनकी रणनीति का हिस्सा है। दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर रखी है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता ठप है। अराघची के लगातार दौरे यह दर्शाते हैं कि ईरान जल्दी समाधान चाहता है और विभिन्न देशों से बातचीत करके कोई रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है.