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ईरान के विदेश मंत्री का अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष पर बयान

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे संघर्ष पर बयान दिया है। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन अमेरिका पर स्थिति को बढ़ाने का आरोप लगाया। अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका संघर्ष को बढ़ाने का निर्णय लेता है, तो ईरान की सशस्त्र बल तैयार हैं। उन्होंने आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा की और कहा कि युद्ध का परिणाम अमेरिका के लिए महंगा साबित हो सकता है। इस बयान के साथ ही मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति और भी बढ़ गई है।
 

संघर्ष की पृष्ठभूमि


ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष पर एक बयान जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कुछ शर्तों के तहत खुलापन दिखाया है, लेकिन अमेरिका पर स्थिति को बढ़ाने का आरोप लगाया।


ईरान की स्थिति

अराघची ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बयान का उल्लेख किया, जिन्होंने विशेष शर्तों के तहत क्षेत्र में तनाव कम करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा कि ईरान की नेतृत्व ने यह संकेत दिया है कि यदि पड़ोसी देश यह सुनिश्चित करें कि उनके हवाई क्षेत्र, क्षेत्र और जल का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए नहीं किया जाएगा, तो स्थिति को शांत करने की इच्छा है।


अराघची ने लिखा, "राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने हमारे क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए खुलापन व्यक्त किया - बशर्ते कि हमारे पड़ोसियों का हवाई क्षेत्र, क्षेत्र और जल ईरानी लोगों पर हमले के लिए उपयोग नहीं किया जाए।"


संघर्ष की बढ़ती स्थिति

हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि तनाव कम करने का अवसर जल्दी समाप्त हो गया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान की मंशा और ताकत को गलत समझने का आरोप लगाया।


अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता और दृढ़ता को गलत समझा। उन्होंने कहा कि तेहरान ने क्षेत्र को शांत करने का संकेत दिया था, लेकिन अमेरिका ने उस इशारे को गलत तरीके से समझा।


अमेरिका के लिए चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका संघर्ष को बढ़ाने का निर्णय लेता है, तो ईरान की सशस्त्र बल और अधिक बढ़ने के लिए तैयार हैं। अराघची ने कहा, "यदि श्री ट्रंप वृद्धि की तलाश कर रहे हैं, तो यह वही है जिसके लिए हमारे शक्तिशाली सशस्त्र बल लंबे समय से तैयार हैं।"


उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी रक्षा करेगा यदि संघर्ष बढ़ता है और किसी भी आगे की वृद्धि की जिम्मेदारी अमेरिका पर होगी।


आर्थिक प्रभाव

अराघची ने संघर्ष के वित्तीय और मानव लागत पर भी चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि सैन्य संघर्ष ने पहले ही अमेरिका पर एक बड़ा बोझ डाला है।


उन्होंने लिखा, "श्री ट्रंप की एक सप्ताह की गलतफहमी ने पहले ही अमेरिकी सैन्य को $100 बिलियन का खर्च उठाने पर मजबूर किया है, इसके अलावा युवा सैनिकों की जानें भी गई हैं।"


भविष्य की संभावनाएँ

अराघची ने कहा कि जब बाजार फिर से खुलेंगे, तो आर्थिक परिणाम और भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा, "जब बाजार फिर से खुलेंगे, तो यह लागत बढ़ेगी और सीधे सामान्य अमेरिकियों पर प्रभाव डालेगी।"



उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय खुफिया परिषद ने निष्कर्ष निकाला है कि ईरान के खिलाफ युद्ध विफल होगा।



अमेरिकी नीति पर प्रभाव

अराघची ने कहा कि उन्होंने पहले अमेरिकी प्रतिनिधियों को चेतावनी दी थी कि सैन्य संघर्ष उनके वार्ता की स्थिति को मजबूत नहीं करेगा। उन्होंने पूछा, "क्या ये चेतावनियाँ पहुंचाई गईं?"


उन्होंने इजरायली नेता बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना की, यह आरोप लगाते हुए कि वह क्षेत्र में अमेरिकी नीति को प्रभावित कर रहे हैं।


अराघची ने कहा कि अमेरिकी मतदाता मध्य पूर्व में महंगे संघर्षों से बचना चाहते थे, लेकिन वे एक नए युद्ध में खींचे जा रहे हैं।