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ईरान की सुरक्षा और कूटनीति पर जोर, राष्ट्रपति ने दी नई दिशा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान बाहरी खतरों के सामने नहीं झुकेगा और अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा। उनके बयान में एकता और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। यह बयान क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है, जहां ईरान अपनी सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।
 

ईरान की सुरक्षा प्राथमिकता

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा है कि तेहरान बाहरी खतरों के सामने पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने X पर साझा किए गए एक पोस्ट में बताया कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की भलाई उनकी प्रशासन की प्राथमिकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अपने लोगों के अधिकारों की "शक्ति" के साथ रक्षा करेगा और अपनी संप्रभुता के खिलाफ किसी भी चुनौती का सामना करेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि कूटनीति और रक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं, जो राष्ट्रीय शक्ति के दो स्तंभ हैं। पेज़ेश्कियन के अनुसार, ईरान अपने हितों की रक्षा के साथ-साथ आवश्यकतानुसार वार्ता करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

اولویت ما امنیت ملی و آرامش مردم است. با اقتدار از حقوق ملت دفاع می‌کنیم و در برابر هیچ تهدیدی عقب‌نشینی نخواهیم کرد. دیپلماسی و دفاع دو بال قدرت ملی‌اند؛ نه میدان را ترک کرده‌ایم و نه میز مذاکره را. به امید خدا با وحدت و عقلانیت ایران از این آزمون نیز سربلند عبور خواهد کرد.

— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) June 8, 2026

उन्होंने कहा, "कूटनीति और रक्षा राष्ट्रीय शक्ति के दो पंख हैं," और जोड़ा कि ईरान न तो युद्ध के मैदान को छोड़ेगा और न ही वार्ता की मेज को। यह बयान क्षेत्रीय तनाव और ईरान की विदेश नीति पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बीच आया है। पेज़ेश्कियन का यह बयान एकता और दृढ़ता का संदेश देने के लिए प्रतीत होता है, जबकि यह संकेत देता है कि तेहरान अपनी रक्षा की स्थिति और कूटनीतिक प्रयासों को बनाए रखना चाहता है।

ईरानी नेता ने राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि देश एकता, विवेकपूर्ण निर्णय लेने और दृढ़ संकल्प के माध्यम से वर्तमान चुनौतियों पर काबू पाएगा। उन्होंने कहा, "एकता और विवेक के साथ, ईरान इस परीक्षा से भी सफल होगा।" ये टिप्पणियाँ उस समय प्रशासन के प्रयास को दर्शाती हैं जब क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएँ और कूटनीतिक वार्ताएँ ईरान के राजनीतिक परिदृश्य को आकार दे रही हैं।