ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर: तनाव के बीच बातचीत का नया मोड़
सीजफायर की जटिलताएँ
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की स्थिति अब बेहद तनावपूर्ण हो गई है। दोनों पक्षों की जिद इस बात का संकेत देती है कि सीजफायर को लागू करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा होगा। मंगलवार को हमले के संभावित समय से कुछ मिनट पहले हुई घटनाएँ एक हाई-वोल्टेज ड्रामे का हिस्सा थीं, जिसमें मोजतबा खामेनेई की अंतिम क्षणों की रणनीति भी शामिल थी।
अमेरिका की तैयारी और मोजतबा का कदम
हमले से कुछ मिनट पहले तक पेंटागन को यह स्पष्ट नहीं था कि ट्रंप क्या निर्णय लेने वाले हैं। इसी सस्पेंस के बीच मोजतबा ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने ट्रंप की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। पहले यह बताया जा रहा था कि मोजतबा बेहोशी की हालत में हैं और कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।
जब ट्रंप ईरान को समाप्त करने की धमकी दे रहे थे, तब पर्दे के पीछे कुछ और ही चल रहा था। अमेरिकी सेना ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की तैयारी कर चुकी थी, लेकिन पेंटागन के अधिकारियों को अंतिम क्षण तक यह नहीं पता था कि ट्रंप हमला करेंगे या समझौता करेंगे।
ईरान में डर और मोजतबा की भूमिका
ईरान में भी भय का माहौल था, और कई लोग हमलों से बचने के लिए अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे थे। इस बीच, मोजतबा खामेनेई ने बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधियों को सीधे आदेश दिया। इजराइल से खतरे के कारण, खामेनेई ने गुप्त रूप से संदेश भेजकर इस प्रक्रिया पर नजर रखी।
मोजतबा के आदेश के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने न केवल बातचीत को संभाला, बल्कि सेना के उच्च अधिकारियों को भी समझौते के लिए राजी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस समझौते की शर्तों को सार्वजनिक किया और दोनों पक्षों से इसे मानने की अपील की। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी अधिकारियों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने लगातार प्रयास किए।
चीन ने भी ईरान को सलाह दी कि वह इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता खोजे, क्योंकि युद्ध किसी के हित में नहीं था। अंततः, हमले से कुछ मिनट पहले सीजफायर की घोषणा की गई।
भविष्य की संभावनाएँ
ट्रंप ने अंतिम क्षण में इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल मुनीर से फोन पर बात करके इस सीजफायर को सुनिश्चित किया। इस समझौते के तहत, ईरान ने हॉर्मुज के रास्ते को उन जहाजों के लिए खोलने पर सहमति जताई है जो ईरान की सेना के साथ तालमेल बिठाकर चलेंगे। अगले शुक्रवार को पाकिस्तान में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसका नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जहां भविष्य की दिशा तय की जाएगी।