अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने Chevron को दिया बड़ा कानूनी लाभ
मामले का सारांश
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तेल कंपनी Chevron को एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत दिलाई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कंपनी के खिलाफ एक बड़ा पर्यावरणीय मुकदमा संघीय अदालत में चलेगा, न कि राज्य अदालत में। यह निर्णय देश भर में लगभग एक दर्जन समान मामलों के लिए कानूनी परिदृश्य को बदल सकता है।
मामले का विवरण
यह विवाद लुइज़ियाना के तटीय दलदल में हुए नुकसान के चारों ओर घूमता है, जो कच्चे तेल के उत्पादन के कारण हुआ, जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय से शुरू हुआ था। लुइज़ियाना की एक राज्य जूरी ने Chevron को इन दलदलों को पुनर्स्थापित करने के लिए 745 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद यह निर्णय अधर में है। Chevron ने मामले को लुइज़ियाना राज्य अदालत से संघीय अदालत में स्थानांतरित करने का प्रयास किया, यह तर्क करते हुए कि उसके पूर्ववर्ती युद्ध के दौरान संघीय निगरानी में काम कर रहे थे।
अदालत का निर्णय
अधिकांश के लिए लिखते हुए, न्यायाधीश क्लेरेंस थॉमस ने स्पष्ट रूप से तर्क प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, "इस युद्धकालीन संदर्भ में, Chevron को जितनी जल्दी हो सके अधिक कच्चे तेल का उत्पादन करना था।" थॉमस ने यह भी उल्लेख किया कि संघीय अधिकारियों को राज्य अदालत में लाए गए मुकदमे को संघीय अदालत में स्थानांतरित करने का अधिकार है। न्यायाधीश सैमुअल अलिटो ने इस मामले में भाग नहीं लिया।
निर्णय का महत्व
यह निर्णय इस एकल मामले से कहीं अधिक प्रभाव डालता है। संघीय अदालतें आमतौर पर पर्यावरणीय क्षति के लिए जीवाश्म ईंधन कंपनियों को जिम्मेदार ठहराने वाले मुकदमों के प्रति राज्य अदालतों की तुलना में कम सहानुभूतिशील रही हैं। Chevron ने इस परिणाम का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि ये दावे संघीय निगरानी में किए गए कार्यों से संबंधित हैं।
कानूनी लड़ाई का विस्तार
यह निर्णय उस समय आया है जब पर्यावरणीय मुकदमेबाजी और न्यायालय प्रणाली के बीच संबंध बहुत परिवर्तनशील है। फरवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग मामले को सुनने के लिए सहमति दी, जिसमें Exxon Mobil और Suncor Energy एक जलवायु परिवर्तन मुकदमे को संघीय अदालत में स्थानांतरित करने की चुनौती दे रहे हैं।