×

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जयपुर दौरा: ताजमहल से आमेर किला तक

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में जयपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने ताजमहल का अवलोकन किया और आमेर किले का दौरा करने की योजना बनाई। रुबियो ने ताजमहल को विश्व के अनमोल खजानों में से एक बताया और वहां बिताए समय की सराहना की। उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेना है। जानें इस दौरे की अन्य महत्वपूर्ण बातें और रुबियो की यात्रा के पीछे की रणनीति।
 

मार्को रुबियो का भारत दौरा

सोमवार दोपहर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जयपुर पहुंचे। इससे पहले, उन्होंने आगरा में प्रसिद्ध ताजमहल का दौरा किया। रुबियो अपनी पत्नी और एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ आमेर किले का दौरा करेंगे, जहां उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी उनका स्वागत करेंगी।


ताजमहल के दौरे के दौरान, रुबियो ने इसे विश्व के अनमोल खजानों में से एक बताया और वहां लगभग डेढ़ घंटा बिताया। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, "विश्व के सच्चे खजानों में से एक को देखने का अवसर देने के लिए धन्यवाद।" भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस स्मारक को भारत की अद्भुत विरासत और शिल्प कौशल का प्रतीक बताया।


अतीत में ताजमहल का दौरा

पिछले वर्ष, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ताजमहल का दौरा किया था। इसके अलावा, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी इस स्मारक का दौरा कर चुके हैं। ट्रम्प ने इसे भारतीय संस्कृति की समृद्धि का प्रतीक बताते हुए कहा था, "ताजमहल विस्मयकारी है, भारतीय संस्कृति की समृद्ध और विविध सुंदरता का एक शाश्वत प्रमाण है!"


रुबियो की जयपुर यात्रा उनकी चार दिवसीय भारत यात्रा का हिस्सा है, जिसमें वे मंगलवार को क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।


भारत यात्रा की शुरुआत

रुबियो ने अपनी यात्रा की शुरुआत कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी से की, उसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से भी बातचीत की।


क्वाड देशों की बैठक

भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बदलते सुरक्षा परिदृश्य और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जा रही है।