अमेरिका के हमले से भारत में बढ़ा तनाव, तीन नाविकों की हत्या पर प्रतिक्रिया
अमेरिका का बयान
वॉशिंगटन: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट तीन भारतीय नाविकों की हत्या के मामले में भारत को चेतावनी दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत में कहा कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी तेल की अवैध ढुलाई और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन सहन नहीं किया जाएगा। यह घटनाक्रम भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में तनाव को बढ़ा सकता है।
विदेश विभाग की प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्ता टॉमी पिगाट ने कहा कि सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री से हाल की घटनाओं पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना चाहिए, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, 'मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की और ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध व्यक्त किया।' उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और उन्हें बताया कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के हमले अस्वीकार्य हैं।
हमलों की श्रृंखला
आठ जून को अमेरिकी बलों ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर 'मैरीवेक्स' पर हमला किया, जिसमें 24 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए। इसके बाद 10 जून को एक अन्य टैंकर 'सेटेबेलो' पर हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर 'जलवीर' पर भी हाल ही में हमला किया गया था, जिसमें 20 भारतीय नागरिक सवार थे।