US-Iran Peace Talks: Trump Hints at Renewed Discussions
संभावित वार्ता का संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के दूसरे चरण की संभावनाओं का संकेत दिया है। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी की हुई है। ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि अगले दो दिनों में इस्लामाबाद में फिर से मिल सकते हैं। उन्होंने होटल सेरेना का उल्लेख करते हुए बताया कि यहीं 11 अप्रैल को पहली बैठक हुई थी और अब फिर से वहीं वार्ता हो सकती है.
पाकिस्तान की भूमिका
ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की प्रशंसा की और कहा कि वे उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, जिससे बातचीत की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह संकेत करता है कि पाकिस्तान इस वार्ता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि, ट्रंप के बयान में कुछ उलझन भी नजर आई। उन्होंने पहले कहा था कि बातचीत की गति धीमी है और अगली बैठक शायद पाकिस्तान में नहीं होगी। इसके बजाय, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगली बैठक यूरोप में हो सकती है।
समय और स्थान की अस्पष्टता
यह स्पष्ट है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। दोनों पक्ष अभी भी वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समय और स्थान को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद, ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने इस्लामाबाद में मुलाकात की थी, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही थी। दोनों पक्षों ने वार्ता के विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।
नाकाबंदी का प्रभाव
अमेरिका ने बताया है कि ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर लगाई गई नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज उसे पार नहीं कर सका। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस ऑपरेशन में 10,000 से अधिक सैनिक, कई युद्धपोत और विमान तैनात किए गए हैं। CENTCOM ने यह भी बताया कि 6 व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन करते हुए अपना रास्ता बदल लिया और वापस ईरानी बंदरगाहों की ओर लौट गए। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में ट्रैकिंग डेटा के हवाले से कहा गया है कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद भी ईरान से जुड़े 4 जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार करने में सफल रहे।