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Bahá’í समुदाय 182वीं वर्षगांठ मनाएगा बाब की घोषणा की

Bahá’í समुदाय 24 मई 2026 को बाब की घोषणा की 182वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। यह दिन 1844 में बाब द्वारा की गई महत्वपूर्ण घोषणा की याद दिलाता है, जिसने एक नए युग की शुरुआत की। इस अवसर पर विशेष प्रार्थनाएँ, भक्ति पाठ और सामूहिक समारोह आयोजित किए जाएंगे। बाब का संदेश एकता, न्याय और आध्यात्मिक नवीनीकरण का है, जो आज भी लोगों को प्रेरित करता है। जानें इस पवित्र दिन का महत्व और बाब की शिक्षाएँ।
 

बाब की घोषणा का महत्व


Bahá’í समुदाय 24 मई 2026 को बाब की घोषणा की 182वीं वर्षगांठ मनाएगा। यह दिन 183 बी.ई. के 8 ‘अज़मत’ पर आता है।


हर साल मई में, लाखों Bahá’í विश्वभर में बाब की घोषणा का स्मरण करते हैं, जिसे बाब ने स्वयं कहा था कि यह “सभी त्योहारों में से एक सबसे महत्वपूर्ण है।”


यह प्रमुख Bahá’í पवित्र दिन 1844 की उस रात को याद करता है जब सैय्यद ‘अली-मुहम्मद ने खुद को ‘बाब’ (जिसका अर्थ है ‘दरवाजा’) घोषित किया, जो एक नए युग का उद्घोषक और बहाउल्लाह का पूर्ववर्ती था। Bahá’í दिन सूर्यास्त पर शुरू होते हैं, इसलिए यह उत्सव 23 मई, शनिवार को सूर्यास्त के समय शुरू होता है और 24 मई, रविवार को जारी रहता है।


समुदाय विशेष प्रार्थनाओं, भक्ति पाठों और सामूहिक समारोहों में भाग लेते हैं, जिसमें बाब के एकता, न्याय और आध्यात्मिक नवीनीकरण के संदेश पर विचार किया जाता है।


बाब का मिशन और उसके अनुयायी

बाब ने कहा कि उनका दिव्य मिशन ‘उसको तैयार करना है जिसे भगवान प्रकट करेगा’—एक ऐसा संदेशवाहक जो वैश्विक शांति लाएगा और धर्म को नवीनीकरण करेगा।


बाब ने मुल्ला हुसैन को अपनी घोषणा की, जो एक खोजी थे जिन्होंने वादा किए गए एक की तलाश में फारस की यात्रा की थी। मुल्ला हुसैन ने बाब को वादा किए गए एक के रूप में पहचाना जब बाब ने उनके अनकहे प्रश्नों का सही उत्तर दिया और गहन पवित्र श्लोकों का पाठ किया।


बाब के पहले अनुयायियों को ‘जीवित पत्रों’ के रूप में जाना जाता है। यह शब्द अरबी में ‘हुरूफ’ (पत्र) और ‘हय्य’ (जीवित) से लिया गया है।


इन 18 अनुयायियों को बाब के नए संदेश को फैलाने और ‘उसको तैयार करने’ के लिए फारस और इराक में यात्रा करने का कार्य सौंपा गया।


बाब की घोषणा का प्रभाव

बाब का संदेश तेजी से फैल गया, लेकिन इसने शिया धर्मगुरुओं और फारसी सरकार द्वारा तीव्र उत्पीड़न को भी जन्म दिया। बाब को अंततः 1850 में तबरीज़ में एक फायरिंग स्क्वाड द्वारा कैद और निष्पादित किया गया।


इस घोषणा ने इस्लामी भविष्यवाणी चक्र को समाप्त कर दिया और धार्मिक इतिहास के एक नए युग की शुरुआत की।


बाब ने कहा कि भगवान का एक नया दिन शुरू हो चुका है, जो मानवता के आध्यात्मिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा।


बाब की शिक्षाएँ और उनकी विरासत


बाब ने 1844 में अपनी घोषणा के समय जो पहली पंक्तियाँ लिखीं, वे ‘क़य्यूमुल-अस्मा’ की व्याख्या पर आधारित थीं। यह उनकी पहली प्रकट रचना मानी जाती है।


इस दिन, बाब ने घोषणा की कि वह भगवान का नया संदेशवाहक है। यह उत्सव 23 मई को सूर्यास्त के दो घंटे और ग्यारह मिनट बाद शुरू होता है, जो उस समय का सटीक समय है जब बाब ने अपनी घोषणा की थी।


बाब की शिक्षाएँ और उनके अनुयायियों की साहसिकता ने उन्हें एक नई धार्मिक आंदोलन की ओर अग्रसर किया, जो इतिहास में अद्वितीय है।


समापन

आज, बाब की घोषणा का दिन Bahá’í समुदाय द्वारा ‘सभी त्योहारों में से एक सबसे महत्वपूर्ण’ के रूप में मनाया जाता है।


यह दिन Bahá’í धर्म के ग्यारह पवित्र दिनों में से एक है, जब काम और स्कूल बंद रहते हैं।


बाब की शिक्षाएँ आज भी लोगों को एकता, शांति और न्याय के लिए प्रेरित करती हैं।