2026 में होने वाले सूर्य ग्रहण की जानकारी: तिथि, समय और भारत में दृश्यता
2026 के सूर्य ग्रहण का इंतजार
साल 2026 के दूसरे सूर्य ग्रहण की प्रतीक्षा शुरू हो गई है। लोग इंटरनेट पर इस ग्रहण की तारीख, समय और भारत में इसकी दृश्यता के बारे में जानकारी खोज रहे हैं। इस बार, यह ग्रहण हरियाली अमावस्या के दिन पड़ रहा है, जो हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि क्या यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा।
ग्रहण की तिथि और समय
2026 का सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, बुधवार को होगा। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण रात 09:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 04:25 बजे समाप्त होगा।
ग्रहण की अवधि
यह सूर्य ग्रहण 7 घंटे से अधिक समय तक चलेगा, जो कि एक लंबा समय है। हालांकि, पूर्ण सूर्य ग्रहण केवल कुछ मिनटों के लिए होगा। अगले साल, 2 अगस्त 2027 को सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।
भारत में दृश्यता
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह भारतीय समयानुसार रात में होगा। यह ग्रहण आइसलैंड, ग्रीनलैंड, आर्कटिक, अटलांटिक महासागर और उत्तरी स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन, और इटली में देखा जा सकेगा।
सूतक काल का प्रभाव
लोगों में इस बात को लेकर भ्रम है कि क्या भारत में इसका सूतक काल लगेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए इसका सूतक काल नहीं माना जाएगा और पूजा-पाठ में कोई बाधा नहीं आएगी।
ग्रहण के दौरान क्या करें
सूर्य ग्रहण के दौरान खाना-पीना, सोना, पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना वर्जित होता है। गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए। इस समय भगवान का भजन और मंत्र जाप करना चाहिए।
ग्रहण का वैज्ञानिक कारण
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती। यह अमावस्या के दिन होता है। पृथ्वी की धुरी के झुकाव के कारण हर अमावस्या को ये तीनों एक सीध में नहीं आते, लेकिन जब ऐसा होता है, तो सूर्य ग्रहण लग जाता है। विशेष चश्मे का उपयोग करना चाहिए, अन्यथा आंखों को नुकसान हो सकता है।