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भारत में मौसम में अचानक बदलाव: 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी

19 मार्च 2026 को भारत में मौसम में अचानक बदलाव आया है, जिसमें भारतीय मौसम विभाग ने 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है। यह बदलाव गर्मी से राहत देने के साथ-साथ नुकसान का खतरा भी पैदा कर रहा है। जानें प्रभावित राज्यों, मौसम के कारण और आवश्यक सावधानियों के बारे में।
 

मौसम में बदलाव का अलर्ट


आज 19 मार्च 2026 को मौसम ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान, तेज बारिश, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 80 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। यह मौसम परिवर्तन गर्मी से राहत प्रदान करेगा, लेकिन इसके साथ ही नुकसान का भी खतरा उत्पन्न कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रभावों के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और कुछ दक्षिणी राज्यों में इसका असर देखा जा रहा है.


प्रभावित राज्य और मुख्य अलर्ट

IMD के नवीनतम प्रेस रिलीज के अनुसार, 19 से 22 मार्च तक विभिन्न क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहेगा। कुल मिलाकर 21 राज्यों में चेतावनी जारी की गई है:



  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड – यहां धूल भरी आंधी, गरज-चमक, हल्की से मध्यम बारिश और 40-60 kmph की हवाएं चलने की संभावना है।

  • मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम – थंडरस्क्वॉल के साथ 50-70 kmph की हवाएं, ओलावृष्टि और तेज बारिश की संभावना है।

  • अन्य क्षेत्र: विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 20-21 मार्च को विशेष रूप से 60-80 kmph हवाओं का अलर्ट है।

  • राजस्थान में स्थिति (जयपुर सहित): जयपुर में आज सुबह आंशिक बादल छाए रहेंगे, शाम या रात में गरज-चमक के साथ बारिश या तूफान की संभावना है। हवा की रफ्तार 40-50 kmph, कुछ झोंकों में अधिक। कई जिलों में येलो/ऑरेंज अलर्ट है, जहां ओले और तेज हवाएं आ सकती हैं। अधिकतम तापमान 30°C के आसपास रहेगा, जो कल से गिरावट दिखाएगा।


मौसमी परिवर्तन के कारण


  • सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत पर प्रभावी है।

  • चक्रवाती सिस्टम मध्य भारत और पूर्वी क्षेत्रों में सक्रिय है।

  • ऊपरी स्तर पर मजबूत जेट स्ट्रीम और निचले स्तर पर ट्रफ लाइन का प्रभाव है।

  • प्री-मानसून गतिविधियों के कारण दक्षिणी और मध्य भारत में भी थंडरस्टॉर्म हो रहे हैं।

  • इससे गर्मी से राहत मिल रही है, लेकिन खुले क्षेत्रों में, कृषि, यात्रा और इमारतों को नुकसान का खतरा है।


IMD की चेतावनी और प्रभाव


  • तेज हवाएं: कई स्थानों पर 50-70 kmph, झोंकों में 80 kmph तक – पेड़ गिरने, बिजली गिरने, उड़ते कचरे से खतरा।

  • ओलावृष्टि: हिमाचल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल आदि में 18-21 मार्च तक।

  • बारिश: हल्की से मध्यम, कुछ स्थानों पर भारी – उत्तराखंड, हिमाचल में बर्फबारी भी।

  • राहत: दिल्ली-NCR, यूपी, राजस्थान में धूल भरी गर्मी से राहत, तापमान 3-5°C गिर सकता है।


सावधानियां और सलाह


  • बाहर निकलते समय सतर्क रहें, खासकर खुले मैदानों या निर्माण स्थलों पर।

  • पेड़ों के नीचे न खड़े हों, बिजली गिरने का खतरा है।

  • किसान भाइयों को फसलों को सुरक्षित करने की सलाह दी जाती है।

  • यात्रा करते समय मौसम अपडेट चेक करें, क्योंकि उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।

  • जयपुर में लोकल स्तर पर शाम को तूफान आ सकता है, इसलिए घरेलू सामान सुरक्षित रखें।