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है जवानी तो इश्क होना है: वरुण धवन की नई फिल्म का रिव्यू

वरुण धवन की नई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' का रिव्यू प्रस्तुत है। इस फिल्म में जस्स नामक वेडिंग फोटोग्राफर की कहानी है, जो तलाक और नए रिश्तों के बीच उलझा हुआ है। डेविड धवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म कॉमेडी और रोमांस का मिश्रण है। जानें फिल्म की कहानी, निर्देशन और कलाकारों के प्रदर्शन के बारे में। क्या यह फिल्म देखने लायक है? जानने के लिए पढ़ें पूरा रिव्यू।
 

फिल्म का परिचय

फिल्म का नाम है 'है जवानी तो इश्क होना है', जिसका निर्देशन डेविड धवन ने किया है। लेखन का कार्य यूनुस सजावल और फरहाद सामजी ने किया है। रमेश तौरानी द्वारा निर्मित इस फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, मनीष पॉल, जिमी शेरगिल, मौनी रॉय जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म को 3/5 की रेटिंग मिली है।


डेविड धवन का निर्देशन

90 के दशक में कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाने वाले डेविड धवन ने कई हिट फिल्में दी हैं। उनके बेटे वरुण धवन के साथ मिलकर बनाई गई पिछली फिल्मों को दर्शकों ने उतना पसंद नहीं किया। अब, 'है जवानी तो इश्क होना है' के साथ, वह एक बार फिर अपने पुराने फॉर्मेट में लौट आए हैं।


कहानी का सार

फिल्म की कहानी वेडिंग फोटोग्राफर जस्स (वरुण धवन) के इर्द-गिर्द घूमती है। जस्स की पत्नी बानी (मृणाल ठाकुर) तलाक लेना चाहती है, क्योंकि वह बच्चे की चाहत रखती है। बानी के जाने के बाद जस्स की जिंदगी में प्रीत (पूजा हेगड़े) की एंट्री होती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब बानी और प्रीत दोनों प्रेग्नेंट हो जाती हैं।


निर्देशन और अभिनय

फिल्म का निर्देशन डेविड धवन ने अपने कम्फर्ट जोन में रहकर किया है। यह एक हल्की-फुल्की कॉमेडी है, जो परिवार के लिए मनोरंजन प्रदान करती है। वरुण धवन ने अपने किरदार में अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि मृणाल और पूजा ने भी अपने रोल को बखूबी निभाया है। मनीष पॉल और अन्य सहायक कलाकारों ने भी फिल्म में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


कमजोर पहलू

फिल्म का पहला भाग कमजोर है, जिसमें कहानी को पकड़ने में कठिनाई होती है। हालांकि, दूसरे भाग में सुधार दिखाई देता है, जहां कॉमिक सिचुएशंस अधिक नैचुरल लगती हैं।


क्या देखें या नहीं?

यदि आप हल्की-फुल्की कॉमेडी पसंद करते हैं और स्टारकास्ट के फैन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए मनोरंजक हो सकती है।