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स्वरा भास्कर के *जौहर* पर बयान से आगरा में विरोध प्रदर्शन

अभिनेत्री स्वरा भास्कर के *जौहर* पर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद आगरा में विरोध प्रदर्शन हुआ। 'योगी युवा brigade' के सदस्यों ने उनके पोस्टर जलाए और एक नेता ने उनके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया। स्वरा ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा। इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी बहस को जन्म दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में।
 

स्वरा भास्कर का विवादास्पद बयान


अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म *पद्मावत* में *जौहर* के चित्रण पर सवाल उठाए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी आलोचना को जन्म दिया, जिसके बाद उन्हें स्पष्टीकरण देना पड़ा। हाल ही में आगरा में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, जहां एक समूह ने उनके पोस्टर जलाए और उन्हें पैरों तले रौंदा।


प्रदर्शन का नेतृत्व

**कौन सा संगठन था प्रदर्शन में शामिल?**
मंगलवार को 'योगी युवा brigade' के राज्य अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने भास्कर पर रानी पद्मावती और अन्य राजपूत महिलाओं के साहस और बलिदान पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अभिनेत्री को उस युग की ऐतिहासिक परिस्थितियों की समझ नहीं है।


इनाम की घोषणा

**संगठन ने क्या इनाम की घोषणा की?**
प्रदर्शन के दौरान, तोमर ने स्वरा भास्कर की जीभ काटने वाले को ₹1.51 लाख का इनाम देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने अभिनेत्री के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया।


विवाद की शुरुआत

**विवाद कब शुरू हुआ?**
यह विवाद 31 अगस्त को शुरू हुआ जब भास्कर ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में *पद्मावत* के *जौहर* दृश्य पर बात की। उन्होंने कहा कि *जौहर* को सम्मान का कार्य बताना बलात्कार पीड़िताओं के लिए गलत संदेश दे सकता है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या एक महिला की शुद्धता को उसकी जान से अधिक मूल्यवान माना जाना चाहिए।


स्वरा भास्कर का स्पष्टीकरण

**स्वरा भास्कर ने अपने स्पष्टीकरण में क्या कहा?**
बाद में, स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या अन्य महिलाओं को कायर नहीं कहा। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता इस बात को लेकर थी कि आधुनिक फिल्में क्या महिमामंडित करती हैं और बलात्कार पीड़िता को कभी भी कम साहसी नहीं महसूस करना चाहिए।


सोशल मीडिया पर बहस

**सोशल मीडिया पर क्या बहस हुई?**
इस विवाद ने स्वरा भास्कर और शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के बीच 'चुनाव' और *जौहर* के महिमामंडन पर बहस को भी जन्म दिया।


फिल्म के लेखक का स्पष्टीकरण

**फिल्म के लेखक ने क्या कहा?**
फिल्म 'पद्मावत' के लेखक प्रकाश कपाड़िया ने भी इस मामले पर अपनी राय दी। उन्होंने *हिंदुस्तान टाइम्स* से बात करते हुए कहा, "हमने यह फिल्म अपने शोध और इतिहास की किताबों में मिले तथ्यों के आधार पर बनाई। हर कोई फिल्म की अलग-अलग व्याख्या करता है। जो हमने दिखाया—जिसमें *जौहर* का दृश्य भी शामिल है—वह उस युग की वास्तविकता को दर्शाता है। इसे अब बदला नहीं जा सकता। स्थिति 'जीने या मरने' की थी।"


फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन

**'पद्मावत' का बॉक्स ऑफिस संग्रह क्या था?**
फिल्म 'पद्मावत' अपने रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी रही। कुछ स्थानों पर ऐतिहासिक विकृति के आरोपों के चलते हिंसक प्रदर्शन हुए। फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई। विरोध के बाद, फिल्म का नाम 'पद्मावती' से बदलकर 'पद्मावत' कर दिया गया। इसके बावजूद, यह फिल्म एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई। सैकनिल्क के अनुसार, इसने विश्व स्तर पर ₹585 करोड़ से अधिक की कमाई की।


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