×

शाहरुख़ ख़ान की KKR टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी की विवादास्पद शामिलगी

शाहरुख़ ख़ान की IPL टीम KKR में बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिज़ुर रहमान की शामिलगी ने विवाद खड़ा कर दिया है। राजनीतिक नेताओं ने इसे देशद्रोह से जोड़ा है, जबकि कई लोग शाहरुख़ के समर्थन में खड़े हैं। इस मुद्दे पर धार्मिक नेताओं की भी प्रतिक्रियाएँ आई हैं। क्या खेल को राजनीति से जोड़ना सही है? जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
 

विवाद का कारण


बॉलीवुड के सुपरस्टार और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मालिक शाहरुख़ ख़ान एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार विवाद का कारण बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिज़ुर रहमान का KKR टीम में शामिल होना है। इस निर्णय ने राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक में तीखी प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं। कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, जबकि कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख़ ख़ान के समर्थन में खड़े हुए हैं।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

बीजेपी नेता का हमला
बीजेपी नेता संगीत सोम ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे देशों से खिलाड़ियों को खरीदना जहाँ हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है, देश के प्रति विश्वासघात के समान है। शिवसेना के नेता कृष्णा हेगड़े ने IPL और BCCI से ऐसे खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।


धार्मिक नेताओं की टिप्पणियाँ

देवकीनंदन ठाकुर का बयान
धार्मिक नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी है। उपदेशक देवकीनंदन ठाकुर ने सुझाव दिया कि KKR प्रबंधन को इस खिलाड़ी को हटाना चाहिए और उसकी नीलामी की राशि हिंदू पीड़ितों के परिवारों को दान करनी चाहिए।


शाहरुख़ ख़ान पर हमले

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का बयान
उपदेशक जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख़ ख़ान पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी को IPL टीम में शामिल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, "शाहरुख़ ख़ान कोई नायक नहीं हैं। उनके सभी कार्य देशद्रोही हैं।"


शाहरुख़ ख़ान के समर्थन में आवाज़ें

कांग्रेस नेता का बयान
हालांकि, कई राजनीतिक आवाज़ें शाहरुख़ ख़ान के समर्थन में भी उठी हैं। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने आरोप लगाया कि शाहरुख़ ख़ान को उनके मुस्लिम पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है।


राजनीतिकरण पर सवाल

तृणमूल कांग्रेस का बयान
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस मुद्दे के राजनीतिकरण पर सवाल उठाया। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने कहा कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर निशाना बनाना नफरत फैलाने के समान है।


शाहरुख़ ख़ान की चुप्पी

शाहरुख़ ख़ान का कोई बयान नहीं
यह विवाद उस समय उभरा है जब बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ कई हिंसक घटनाएँ हुई हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या खेल को राजनीति और धर्म के आधार पर आंकना चाहिए, या क्रिकेट को केवल क्रिकेट रहने दिया जाना चाहिए? इस समय शाहरुख़ ख़ान इस मामले पर चुप हैं, लेकिन KKR का निर्णय अब केवल एक खेल प्रबंधन निर्णय नहीं रह गया है; यह एक राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

PC सोशल मीडिया