×

शरद कपूर: बॉलीवुड में विलेन से लेकर व्यवसायी बनने की कहानी

शरद कपूर, जिन्होंने महेश भट्ट की फिल्म 'दस्तक' से बॉलीवुड में कदम रखा, एक समय में हीरो के रूप में जाने जाते थे। हालांकि, कुछ गलत फैसलों के कारण उनका करियर प्रभावित हुआ और उन्होंने विलेन के रूप में पहचान बनाई। 43 फिल्मों के बाद, उन्होंने एक्टिंग छोड़कर व्यवसाय में कदम रखा और अब अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। जानें उनकी यात्रा के बारे में और कैसे उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कहा।
 

महेश भट्ट की फिल्म से करियर की शुरुआत

महेश भट्ट की फिल्म से करियर की शुरुआत करना किसी सपने के सच होने जैसा होता है। कई नए चेहरे एक्टर और एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर आते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही अपने सपनों को पूरा कर पाते हैं। आज हम एक ऐसे एक्टर की बात करेंगे, जिसने सुष्मिता सेन के साथ अपने करियर की शुरुआत की और कई फिल्मों में काम किया। 1996 में फिल्म 'दस्तक' से बॉलीवुड में कदम रखने वाले इस एक्टर का नाम शरद कपूर है। उन्होंने बतौर हीरो फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री की, लेकिन कुछ गलत निर्णयों के कारण उनका करियर बाद में प्रभावित हुआ।


हीरो से विलेन का सफर

शरद कपूर उन एक्टर में से हैं, जिन्होंने कई बॉलीवुड सितारों के साथ काम किया, लेकिन अचानक फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गए। उन्हें अपनी पहली फिल्म के बाद कई ऑफर मिले, लेकिन उनके करियर का ग्राफ ऊपर नहीं बढ़ सका। अपनी दमदार एक्टिंग और लुक के लिए जाने जाने वाले इस एक्टर को हीरो के बजाय विलेन के रूप में पहचान मिली। इसके बावजूद, उन्हें फिल्मों में वांछित सफलता नहीं मिली। शरद ने एक्टर बनने का सपना देखा और कड़ी मेहनत के बाद उन्हें फिल्म 'स्वाभिमान' में एक छोटा किरदार मिला, जिसके बाद महेश भट्ट ने उन्हें अपनी फिल्म में लीड रोल दिया।


एक्टिंग छोड़कर व्यवसाय में कदम

43 फिल्मों के बाद, शरद कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। सफलता न मिलने के कारण उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ रेस्टोरेंट का व्यवसाय भी शुरू किया, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्मी दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। शरद कपूर ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा बटोरी है। उन्होंने 2008 में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की पोती कोयल बसु से शादी की।


शरद कपूर आजकल कहां हैं?

शरद कपूर वर्तमान में अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। वह 1990 और 2000 के दशक की बॉलीवुड फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं, जिनमें 'जोश', 'लक्ष्य' और 'जय हो' जैसी फिल्में शामिल हैं।