वरुण धवन ने 'कलंक' की असफलता पर साझा किया दर्द, नई फिल्म का प्रमोशन जारी
वरुण धवन की नई फिल्म और पुरानी असफलता
वरुण धवन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस रोमांटिक-कॉमेडी में वरुण के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा, मौनी रॉय, जिमी शेरगिल, राकेश बेदी और कुब्रा सैत भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस बीच, वरुण ने अपनी एक विफल फिल्म के बारे में भी खुलकर चर्चा की। 2019 में आई मल्टी-स्टारर फिल्म 'कलंक' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही थी। अब, सात साल बाद, वरुण ने इस फिल्म की असफलता के प्रभाव के बारे में खुलकर बात की।
'कलंक' की असफलता पर वरुण का बयान
रेडियो नशा के साथ बातचीत में, वरुण धवन ने अपने करियर की शुरुआत और पहली बड़ी असफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "जब मेरी पहली फिल्म (कलंक) असफल हुई, तो मैं बहुत हताश हो गया था। इससे पहले मुझे लगातार सफलताएं मिल रही थीं। मैं समझ नहीं पाया कि फिल्म को ऐसा रिस्पॉन्स क्यों मिला, क्योंकि मैंने इस पर बहुत मेहनत की थी। मेरे पिता (डेविड धवन) ने मुझे औसत का नियम समझाने की कोशिश की, लेकिन उस समय मैं इसे नहीं समझ पाया।"
डेविड धवन की निराशा
वरुण के पिता, डेविड धवन ने उनके करियर के बारे में बात करते हुए कहा, "जब मैंने वरुण की पहली फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' देखी, तो वह बहुत घबराया हुआ था। मैंने क्लाइमैक्स देखकर कहा कि तुमने बहुत अच्छा काम किया है। 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' की रिलीज के बाद अमिताभ बच्चन ने भी एक संदेश भेजा था - 'लंबी रेस का घोड़ा।' लेकिन, 'कलंक' की असफलता ने मुझे सच में निराश किया। यह एक बड़े पैमाने पर बनाई गई फिल्म थी।"
वरुण की मेहनत
वरुण धवन ने आगे कहा, "हालांकि 'कलंक' सफल नहीं हुई, लेकिन इस पर हमने बहुत मेहनत की थी। एक टीम के रूप में हमने पहले कभी इतनी मेहनत नहीं की थी, इसलिए हम समझ नहीं पा रहे थे कि यह क्यों नहीं चली। मेरे पिता कहते हैं कि यह औसत का नियम है, आगे बढ़ो और काम करो।"